रोडवेज की कमर तोड़ रहीं अनुबंधित बसें ,प्रतिमाह भुगतना पड़ रहा 5 लाख का घाटा

बारां. बड़े त्योहार व सावों को छोड़कर रोडवेज की अनुबंधित बसें डिपो को प्रतिमाह औसतन पांच लाख रुपए का घाटा दे रही हंै।

By: Shivbhan Sharan Singh

Published: 07 Jun 2018, 05:30 PM IST

बारां. बड़े त्योहार व सावों को छोड़कर रोडवेज की अनुबंधित बसें डिपो को प्रतिमाह औसतन पांच लाख रुपए का घाटा दे रही हंै। आंकड़ों पर नजर डालें तो बारां डिपो को पिछले चार माह में 11 लाख 37 हजार 146 रुपए का घाटा हुआ है। उधर रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि कुछ दिनों में बारिश का मौसम शुरू होने वाला है, जिससे बसों में यात्री भार घटेगा। अत: घाटा भी बढऩे की संभावना है। बारां डिपो के अधीन फरवरी तक 27 अनुबंधित बसें थी, जो वर्तमान में घटकर 25 रह गई हैं। इन बसों को बारां सहित अन्य जिलों के रूटों पर लगा रखा है लेकिन बसों से न तो यात्री खुश हैं न ही रोडवेज को फायदा हो रहा है। यह बसें दीपावली, होली, राखी, सावों को छोड़कर औसतन 5 लाख रुपए प्र्रतिमाह घाटे में चल रही हैं। पूर्व मुख्य प्रबंधक ने उक्त बसों की जगह मुख्यालय को रोडवेज को स्वयं की बसें देने को कहा था लेकिन मुख्यालय ने ध्यान नहीं दिया। इन्हें प्रति दिन 427 किलोमीटर चलाना पड़ता है। बस मालिकों को वर्तमान में कुछ बसों के मालिकों को 7.11 रुपए, 7.90 व 8.92 रुपए प्रतिकिलोमीटर भुगतान किया जा रहा है।
यह है पिछले पांच माह की स्थिति
अनुबंधित बसों से रोडवेज को जनवरी में 9 लाख 96 हजार 681, फरवरी में 4 लाख 17 हजार 310 रुपए व मार्च में 4 लाख 5 हजार 279 रुपए घाटा हुआ है, जबकि अप्रेल में 6 लाख 81 हजार 330 रुपए का फायदा हुआ है। इसी तरह से मई में मात्र एक लाख रुपए का फायदा हुआ है।
इन दिनों में रहता यात्री भार
बसों में सोमवार, गुरुवार व शुक्रवार को छोड़कर यात्री भार कम रहता है। रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में बारिश शुरू होने वाली है। बारिश के दौरान पानी भरने से रास्ते बंद हो जाते हैं। साथ ही लोगों की आवाजाही कम हो जाती है, जिससे बसों में यात्री भार कम रहने की संभावना है।
खाली पदों को भरें
बारां. तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2013 के खाली पदों पर नियुक्तियां जारी करने की मांग की है। भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी पृथ्वीराज सुमन, विजय कुमार पहाॢडय़ा व तुलसीराम बैरागी ने कहा कि परीक्षा का संशोधित परिणाम 2017 में जारी होने पर नियुक्ति दी गई। कुछ अभ्यर्थियों ने पदभार ग्रहण नहीं किया। पंचायती राज विभाग ने रिक्त पदों को भरने के आदेश जारी किए। अभ्यर्थियों की सूची तैयार करके दस्तावेजों का सत्यापन करना था लेकिन जिला परिषद ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने रिक्त पदों की अंतिम सूची जारी करने व शीघ्र नियुक्ति देने की मांग की है।
(पत्रिका संवाददाता)

Shivbhan Sharan Singh
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