शीतलहर ले उड़ी धनिये की ‘महक’

धनिया उत्पादक किसानों को शीतलहर ने इस बार फिर लपेट लिया है। शीत से किसानों में मायूसी छा गई है। पिछले कुछ वर्ष पूर्व तक सर्वाधिक धनिया की बुवाई करने वाला व बंपर उत्पादन लेने

By: Ghanshyam

Published: 03 Jan 2019, 08:02 PM IST

किसानों का आरोप 75 फीसदी हो चुका खराबा
छबड़ा. कई वर्षों से प्राकृतिक प्रकोप झेल रहे धनिया उत्पादक किसानों को शीतलहर ने इस बार फिर लपेट लिया है। शीत से किसानों में मायूसी छा गई है। पिछले कुछ वर्ष पूर्व तक सर्वाधिक धनिया की बुवाई करने वाला व बंपर उत्पादन लेने वाला छबड़ा उपखंड अब नगण्य धनिया खेती करने वाले इलाकों में शामिल हो गया है।
क्षेत्र में धनिया की खेती नगण्य रह गई है । प्रति वर्ष धनिया की फ सल में कोई ना कोई प्राकृतिक आपदा आने से फ सल खराब हो जाती थी । ऐसे में किसानों का धनिया की फ सल से रुझान कम हो गया और इस वर्ष तो उपखंड क्षेत्र में किसानों ने सिर्फ ढ़ाई हजार हैक्टेयर क्षेत्र में ही धनिया की बुवाई की । गत एक सप्ताह भर से चल रही शीतलहर ने धनिया की फ सल पर कहर बरपा कर दिया तथा
फ सल में पाला पडऩे से किसानों को व्यापक नुकसान होने से उनके अच्छे उत्पादन की आशाओं पर पानी फि र गया है। हालांकि कृषि विभाग ने यह नुकसान मामूली बताया है किंतु अफ सरों का यह भी कहना है कि क्षेत्रों से रिपोर्ट मंगवाई जा रही है । सरपंचों व किसानों ने भी एसडीएम को ज्ञापन देकर तत्काल नुक्सान का सर्वे करवा कर मुआवजा देने की मांग की है।
75 फ ीसदी तक बताया नुकसान
फ लिया पंचायत के सरपंच प्रेम चंद धनोरिया, तेलनी के राम स्वरूप भील, पाली के कमल ंिसंह गुर्जर, हानाहेड़ी के श्रवण ंिसंह लोधा सहित राजपुरा के किसान राम प्रसाद धोबी, अमृत लोधा, रोड़ी बाई, चंपा लाल लोधा, धीगाराड़ी के किसान कल्याण लोधा, पाली के रत्ती राम मीणा, भूरा लाल मीणा, हानाहेड़ी के अमर चंद लोधा, भंवर ंिसंह लोधा, जानकी लाल लोधा, तेलनी के मांगी लाल भील, सुगन ंिसह भील, गुडडू भील ने बताया कि इस वर्ष फ सल पूरी तरह सामान्य थी किंतु शीतलहर से फ सल झुलस कर काली पड़ गई। किसानों ने 60 से 75 फ ीसदी तक नुकसान की आशंका जताई है ।किसानों का कहना है कि इनकी मेहनत पर पानी फि र गया है । फू लों पर आ रही धनिया की फ सल खराब हो गई।
कृषि अधिकारी सुरेश कुमार मालव ने बताया कि तहसील क्षेत्र में इस वर्ष उपखंड के छबड़ा, छीपाबड़ौद व अटरू तहसील क्षेत्र में धनिया का रकबा वैसे भी घट गया है । इस वर्ष सिर्फ 2515 हैेक्टेयर में धनिया की फ सल की बुवाई की गई है जिसमें छबड़ा तहसील में तो सिर्फ 405 हैक्टेयर क्षेत्र में ही धनिया की बुवाई की गई है । उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से चल रही शीतलहर से वास्तव में कुछ पंचायत क्षेत्रों में किसानों को अधिक नुक्सान हुआ है तथा कुछ स्थानों पर मामूली नुक्सान है । उन्होंने बताया कि कृषि पर्यवेक्षकों से रिपोर्टें ली जा रही है । रिपोर्टें आने के बाद ही नुकसान का सही पता चलेगा। उन्होंनें बताया कि छीपाबड़ौद क्षेत्र में 895 हैेक्टेयर में धनिया की बुवाई की गई थी यहां भी कुछ खेतों में पाला पडऩे से नुकसान की जानकारी मिली है ।अटरू क्षेत्र में 1215 हैेक्टेयर में धनिया की बुवाई की गई है किंतु यहां नुकसान की जानकारी नहीं मिली है । उन्होंने कहा कि अभी ऊपर से सर्वे के निर्देश नहीं मिले हैं । निर्देश मिलने पर सर्वे करवा कर नुकसान का आकलन किया जाएगा।
रिपोर्ट - हंसराज शर्मा द्वारा
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Ghanshyam Bureau Incharge
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