सूर्य को दिया अघ्र्य, गायों को खिलाया चारा

सूर्य को दिया अघ्र्य, गायों को खिलाया चारा

Ghanshyam Dadhich | Publish: Jan, 14 2019 08:18:30 PM (IST) Baran, Baran, Rajasthan, India

सुबह लोगों ने जल्दी स्नान से निवृत्त होकर भगवान सूर्य को अघ्र्य दिया, इसके बाद गायों को चारे खिलाने से दान, पुण्य की शुरुआत हुई। वहीं दूसरी ओर बच्चों व युवाओं ने सुबह से देर शाम तक पतंगबाजी

ाद्धा से मनाया मकर संक्रांति पर्व
दान, पुण्य रहा खास, आसमान में उड़ा उल्लास
असहाय व निर्धनजनों के लिए लगाए लंगर
बारां. शहर समेत जिले में सोमवार को मकर संक्रान्ति पर्व श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह लोगों ने जल्दी स्नान से निवृत्त होकर भगवान सूर्य को अघ्र्य दिया, इसके बाद गायों को चारे खिलाने से दान, पुण्य की शुरुआत हुई। वहीं दूसरी ओर बच्चों व युवाओं ने सुबह से देर शाम तक पतंगबाजी के शौक को परवान चढ़ाया। पूरे दिन संगीत के शोर के साथ छतों पर युवाओं की टोलियां मोर्चेबंदी में जुटी रही। वो काटा...वो मारा...का शोर गूंजता रहा। गली, मोहल्लों, चौराहों पर पतंगें लूटने के लिए बच्चों के समूह चौकस रहे। जिला प्रशासन व नगर परिषद के तमाम दावों के बीच बाजारों में चाइनीज मांझा जमकर बिका। इससे कई पक्षी चोटिल हुए तो कुछ राहगीर भी शरीर पर कट लगने से हैरान रह गए। जिन लोगों ने इस मांझे का उपयोग किया वे भी हाथ की अंगुलिया हुए जख्मों को सहलाते रहे।
सूर्य को अघ्र्य से दिन की शुरुआत
मकर संक्रांति पर स्नान व दान, पुण्य के विशेष महत्व के चलते कई लोग परिवार समेत जिले के पवित्र सरोवरों में स्नान के लिए पहुंचे, अधिकांश लोगों ने सुबह सूर्योदय से पहले ही स्न्नान कर उगते सूर्य को अघ्र्य देकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद गायों को चारा डाला तथा यथा सामथ्र्य दान किया। शहर के प्रमुख चारा स्थलों के अलावा कोटा रोड स्थित नगर परिषद की गोशाला व शिवाजी नगर के मनोहर घाट क्षेत्र स्थित गोशाला में चारा डालने वालों की खासी भीड़ रही।
कई स्थानों पर लगाए भंडारे
शहर में कई लोगों ने भंडारे लगा असहाय व निर्धन लोगों को भोजन कराया तथा उन्हें कम्बल आदि वस्तुओं का दान दिया। कई भंडारे सुबह से शाम तक चले। यहां दिनभर युवाओं की टोलियां सेवा में जुटी रहीं। कई संस्थाओं की ओर से भी भंडारों का आयोजन किया गया। इस दौरान वस्त्र भी दान किए गए।
गूंजता रहा वो काटा...वो मारा...का शोर
संक्रान्ति पर शहर में पंतगबाजी का शौक पूरे परवान पर रहा, बच्चों व युवाओं के साथ परिवार के अन्य लोगों ने भी इसका भरपूर मजा लिया। दिनभर छतों पर रहे लोगों ने जमकर पेच लड़ाए तथा एक-दूसरे की पतंग काटने के बाद वो काटा...वो मारा...का शोर किया। पंतग काटने वाले समूह दूसरे की पतंग काटने के बाद जमकर थिरके। डीजे के तेज संगीत का शोर सुबह से देर शाम तक रहा। दोपहर में धूप खिलने से माहौल पतंगबाजों के लिए खासा मुफीद रहा। पतंगबाजी के दौरान शहरभर में पतंग व डोर लूटने की होड़ भी दिखाई दी। कई निर्धन वर्ग के बच्चे हाथों में झाड़ लिए कटी पतंगों के पीछे दौड़ते रहे। इनके हाथों में लूटी हुई दर्जनों पतंगे दिखाई दीं।
रिपोर्ट - हंसराज शर्मा द्वारा
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