टेल क्षेत्र में नहीं पहुंच रहा पानी

किसानों का कहना है कि माइनर में जलप्रवाह तो है लेकिन कम होने से माइनर से निकले खेतों के धोरे में पानी का प्रवाह नहीं होने से वह सूखे पड़े हैं।

By: Ghanshyam

Published: 30 Dec 2018, 07:49 PM IST

किसानों की अटक रही राहत
बोहत. दांयी मुख्य नहर से निकले मूण्डला माइनर के टेल क्षेत्र के खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से पाडलिया हिगोनियां के किसानों में निराशा है। पाडलिया के किसान नरेश शर्मा, महेन्द्र गालव, आशीष शर्मा का कहना है कि माइनर के हैड क्षेत्र के किसान पर्याप्त पानी मिलने से खुश हैं। वहीं टेल के किसान पानी को तरस रहे हैं।
किसानों का कहना है कि माइनर में जलप्रवाह तो है लेकिन कम होने से माइनर से निकले खेतों के धोरे में पानी का प्रवाह नहीं होने से वह सूखे पड़े हैं।
वही कम जल प्रवाह से पानी के ऊपर कंजी छाना भी पानी के प्रवाह को रोक देती है। इसकी वजह से टेल क्षेत्र के किसान पानी को तरस रहे हंै।
इस समय गेहंू की फ सल में प्रथम सिंचाई करना जरूरी है। किसानों ने माइनर में जलप्रवाह बढाने के लिए माइनर जल वितरण समिति के अध्यक्ष वही दायीं बांयी चम्बल नहर परियोजना के सभापति सुनील गालव को भी किसानों ने माइनर में जलप्रवाह बढ़ाने के लिए मोबाइल से शिकायत दर्ज कराई है।
कंजी की होगी सफाई
दांयी मुख्य नहर से निकले मूण्डला माइनर में पर्याप्त पानी छोडने के बाद भी टेल तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा। माइनर से जुड़े किसानों की शिकायत पर चम्बल नहर के सभापति सुनील गालव का कहना है कि प्रवाह में बाधा बनी कंजी की सफ ाई में श्रमिक लगाए हैं। एक दो दिन में श्रमिकों से माइनर की कंजी साफ हो जाती है तो ठीक नहीं तो माइनर का जलप्रवाह बंद करके कंजी की सफ ाई करवाई जाएगी।
पे-मैंनेजमेंट की दी जानकारी
बारां. कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में चल रहे दस दिवसीय शिक्षक संभागियों के आवासीय शिविर में व्यक्तिगत रूप से पे-मैंनेजर का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण डिजिटल इंडिया व बालिका प्रोत्साहन कार्यक्रम के सहयोग में समग्र माध्यमिक शिक्षा अभियान के कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रशेखर ने दिया। उन्होंने एक घंटे के प्रशिक्षण में शिक्षकों के वेतन बिल को क्रिएट करने, डीडीओ व ट्रेजरी को बिल फॉरवर्ड करने आदि के बारे में जानकारी दी। चन्द्रशेखर ने बताया कि विद्यालय में अध्यापन कार्य के साथ साथ प्रबन्ध व तकनीकी कार्यों की भी आवश्यक होती हैं, जिसके कारण विद्यालय में अध्यापन का कार्य प्रभावित होता है। अगर शिक्षक पे-मैनेजर के कार्य में दक्षता प्राप्त करते हैं तो एक विद्यालय में औसतन 5 से 10 हजार रुपए की बचत हो सकती है जिसका उपयोग विद्यालय विकास पर किया जा सकता है। प्रशिक्षण के बाद सामाजिक व अंग्रेजी विषय की ऑनलाइन परीक्षा हुई।
रिपोर्ट - हंसराज शर्मा द्वारा
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Ghanshyam Bureau Incharge
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