जिले में नया व पुराना करीब साढ़े चार अरब रुपए है बकाया

बारां. वित्तीय वर्ष की समाप्ति के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हंै, विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों की धड़कने तेज हो रही हैं। उपभोक्ता उधारी की बिजली से खेत खलिहान व उद्योग धंघों से लेकर घर आंगन तक रोशन कर रहे है, लेकिन बिजली बिल चुकता करने में मुठ्ठी नहीं खोल रहे। निगम अधिकारी भी डोर टू डोर दस्तक देकर कार्रवाई का करंट लगा रहे हैं।

By: Mahesh

Published: 19 Mar 2020, 09:33 AM IST

बारां. वित्तीय वर्ष की समाप्ति के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हंै, विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों की धड़कने तेज हो रही हैं। उपभोक्ता उधारी की बिजली से खेत खलिहान व उद्योग धंघों से लेकर घर आंगन तक रोशन कर रहे है, लेकिन बिजली बिल चुकता करने में मुठ्ठी नहीं खोल रहे। निगम अधिकारी भी डोर टू डोर दस्तक देकर कार्रवाई का करंट लगा रहे हैं। इसके बावजूद वसूली पूरी नहीं हो रही है।
वर्तमान में जिले में करीब साढ़े चार सौ करोड़ की राशि बकाया है। इसमें से करीब सौ करोड़ की राशि तो इसी चालू वित्तीय वर्ष की है, जो आगामी ३१ मार्च को समाप्त हो रहा है। फिलहाल इस सौ करोड़ की शत-प्रतिशत वसूली करने पर ही विशेष जोर दिया जा रहा है। अब मार्च माह के अंतिम 1३ दिनों में करीब सौ करोड़ वसूल करना बड़ी चुनौती है। जयपुर स्थित डिस्कॉम मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में कार्य कर रहे फीडर इंचार्ज व लाइनमैन तक बकाया पैसे बटोरने में लगे हुए है। उपभोक्ताओं के घर-घर दस्तक देकर उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसा जा रहा है। बीते दो माह में सैकड़ों उपभोक्ताओं के ट्रांसफार्मर जब्त कर लिए गए हैं। हजारों के कनेक्शन काट दिए गए। कनेक्शन काटने के बाद भी तार जोड़कर चोरी करने वालों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ वीसीआर भरकर जुर्माना किया जा रहा है। कुछ के खिलाफ तो प्रकरण दर्ज कर प्रभावी कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
सरकारी संस्थान बने हैं सिर दर्द
निगम के लिए कुछ आवश्यक सेवाओं से जुड़े सरकारी विभागों के कार्यालय संस्थान भी खासे सिर दर्द बने हुए हैं। इसमें सबसे अधिक झटका पेयजल व्यवस्था के नाम पर हो रहे विद्युत कनेक्शनों का लग रहा है। जिले में जलदाय विभाग व पंचायतीराज की ओर उधारी की बिजली से लोगों की प्यास बुझाई जा रही है। जलदाय विभाग की विभिन्न पेयजल योजना पेयजल योजनाओं के कनेक्शनों पर करीब चार करोड़ व पंचायतीराज की जनता जल योजनाओं पर करीब पांच करोड़ के बिजली के बिल बकाया है। जनता जल योजना ग्राम पंचायतों के हवाले है, अधिकांश सरपंच इसके बिल जमा कराने में उदासीनता बरत रहे हैं। जलदाय व पंचायतीराज समेत अन्य विभागों पर करीब 25 करोड़ बकाया है।
अब दे रहे कुर्की नोटिस
निगम की ओर से अब उपभोक्ताओं को कुर्की नोटिस जारी करना शुरू कर दिया गया है। इससे पहले भारी भरकम राशि बकाया होने के बाद कनेक्शन काटे गए। बाद में कनेक्शनों को पीडीसी घोषित कर दिया गया। इसके बाद भी बिजली के बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की सम्पति कुर्क कर बकाया वसूली की तैयारी की गई। मार्च माह में ही कुछ उपभोक्ताओं को कुर्की नोटिस थमाए गए है। जिले में हरनावदाशाहजी, छीपाबड़ौद, छबड़ा, शाहाबाद, केलवाड़ा, किशनगंज व अन्ता, मांगरोल, बारां ग्रामीण सभी क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर बकाया है।
-उपभोक्ताओं बकाया जमा कराने में रुचि नहीं ले रहे है, तो कनेक्शन काटने, ट्रांसफार्मर जब्ती समेत कानूनी कार्रवाई करनी पड़ रही है। अभी इसी वित्तीय वर्ष के करीब सौ करोड़ बकाया है। करीब साढ़े तीन सौ करोड़ पिछले वर्षों के बकाया है।
-एनएस गोरासिया, अधीक्षण अभियंता, जविविनि

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