पार्क होने थे वाहन, वहां बन गया तालाब,पांच साल बाद भी छत पर टीनशेड नहीं कराने से बन रहे यह हालात

पार्क होने थे वाहन, वहां बन गया तालाब,पांच साल बाद भी छत पर टीनशेड नहीं कराने से बन रहे यह हालात

Shiv Bhan Singh | Publish: Sep, 05 2018 03:57:36 PM (IST) Baran, Rajasthan, India

बारां. थोड़े से बजट के अभाव में करोड़ों रुपए का निर्माण पर संकट के बादल मंडराने लगते हैं, समय बीतने के साथ यह समस्या विकराल हो जाती है।

बारां. थोड़े से बजट के अभाव में करोड़ों रुपए का निर्माण पर संकट के बादल मंडराने लगते हैं, समय बीतने के साथ यह समस्या विकराल हो जाती है। इसके बाद भी अनदेखी जारी रहने पर हालात भयावह हो जाते हैं।
ऐसा ही कुछ बारिश के दिनों में यहां मिनी सचिवालय की अतिरिक्त विंग में देखने को मिल रहा है। करीब पांच करोड़ रुपए की लागत से निर्मित जिले की दूसरी बड़ी सरकारी इमारत के बेसमेंट में इन दिनों में डेढ़ से दो फीट पानी का भराव है। बरसात के दिनों में इस विंग में बीते कई वर्षों से ऐसे हालात बन रहे हैं, लेकिन उच्चाधिकारी बारिश के बाद हालात सामान्य होने की प्रतीक्षा के अलावा समस्या के समाधान के कुछ उपाय नहीं करते।
खुली छत से भरता है पानी
इस विंग के निर्माण से जुड़े रहे सूत्रों का कहना है कि भवन के लिए बनी डीपीआर में बेसमेंट में विंग के उपरी मंजिल के खुले हिस्से में जलभराव रोकने के लिए टीनशेड किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन तब स्वीकृत बजट कम पड़ गया। इसके बाद कई बार निविदाएं भी की गई, लेकिन कार्यादेश जारी नहीं किया गया। इससे बेसमेंट में हर साल बरसाती पानी का भराव होता है। इस विंग का लोकार्पण २०१३ में होने के बाद यहां सरकारी दफ्तर शुरू हो गए थे।
बरसात होते ही आफत
इस विंग में समूचे जिले के ग्रामीण विकास व सरकार की जनकल्याण की योजनाओं का संचालन करने वाली जिला परिषद समेत आधा दर्जन से अधिक सरकारी विभागों के दफ्तर संचालित होते हैं। इस इमारत के बेसमेंट में बारिश की शुरुआत में ही पानी भरना शुरू हो जाता है। हालत यह है कि बरसाती सीजन में बेसमेंट में एक से डेढ़ फीट पानी का भराव हो जाता है। इससे भवन की दीवारों में सीलन आ जाती है।
सात दिन बाद फिर से भराव
जिला परिषद के सूत्रों का कहना है कि बेसमेंट का निर्माण वाहन पार्किंग के लिए कराया गया था। निर्माण के दौरान विंग की खुली छत को टीनशेड से कवर्ड नहीं किए जाने से पानी का भराव हो रहा है। हाल ही में एक संवेदक के माध्यम से बेसमेंट में जमा पानी को खाली कराया था, लेकिन बारिश का दौर जारी रहने से अब फिर पानी जमा हो गया। बेसमेंट से पानी निकालने वाले संवेदक का कहना है यहां दो इंची मोटर लगातार चौबीस घंटे चलाने पर पूरे सात दिन में पानी को निकाला था।
पनप रहे मच्छर, आती है बदबबू
बेसमेंट के पानी से बदबू व संड़ान्ध उठने लगती है। साफ पानी में डेंगू जैसी कई खतरनाक बीमारियों के मच्छर पनपने लगते हैं। ऐसे में इस विंग में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारियों में स्वास्थ्य को लेकर भय बना रहता है। कर्मचारी बेसमेंट का रूख तक नहीं करते।
& यह सही है छत के ख्ुाले हिस्से में टीनशेड नहीं होने से इस विंग की बेसमेंट में कई वर्षों से जल भराव हो रहा है। अब इस हिस्से में टीनशेड लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार करा रहे हैं। परिषद स्वयं बरसात बाद टीनशेड लगाने का कार्य कराएगी। इसके बाद ही बेंसमेंट में जल भराव रुक सकेगा।
भवानीसिंह पालावत, सीओ जिला परिषद बारां

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