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बरेली

हाईस्कूल और 11वीं पास चला रहे थे अपोलो हॉस्पिटल, डॉक्टर के पैनल ने झाड़ा पल्ला, सील करने की तैयारी

डोहरा रोड स्थित केजीएन अपोलो अस्पताल से बच्चा चोरी करने वाले दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अस्पताल का अधिकतर स्टाफ हाईस्कूल या 11वीं तक पढ़ा है और दूसरे अस्पतालों में रहकर मरहम-पट्टी व डिप लगाने जैसे काम सीख लिए हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने दूसरे दिन भी कोई कार्रवाई नहीं की।

बरेलीJul 03, 2024 / 01:08 pm

Avanish Pandey

जेल भेजे गए बच्चा चोरी करने के आरोपी।

बरेली। डोहरा रोड स्थित केजीएन अपोलो अस्पताल से बच्चा चोरी करने वाले दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अस्पताल का अधिकतर स्टाफ हाईस्कूल या 11वीं तक पढ़ा है और दूसरे अस्पतालों में रहकर मरहम-पट्टी व डिप लगाने जैसे काम सीख लिए हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने दूसरे दिन भी कोई कार्रवाई नहीं की। वह पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जबकि एसएसपी के मुताबिक जांच रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जा चुकी है।
खुद को फार्मासिस्ट बताता है अपोलो अस्पताल का संचालक
बारादरी इंस्पेक्टर अमित पांडेय के मुताबिक केजीएन अपोलो अस्पताल संचालक आरिफ हुसैन बिथरी के डोहरिया गांव का निवासी है। वह खुद को फार्मासिस्ट बता रहा था पर इसके भी कागजात नहीं दिखा सका। अस्पताल के बोर्ड पर दो महिला डॉक्टरों (श्रद्धा चंद्रा और शाजिया बानो) के नाम पैनल के तौर पर लिखे थे। इनमें एक श्रद्धा चंद्रा और दूसरी शाजिया बानो थीं। दोनों के आगे एमबीबीएस लिखा गया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि अस्पताल में 10 से ज्यादा कर्मचारी हैं पर लिखापढ़ी में प्रह्लाद सागर नर्सिंगा स्टाफ व मोहम्मद नदीम ओटी टेक्नीशियन है।
श्रद्धा चंद्रा के कागजातों से है अस्पताल का पंजीकरण
पुलिस ने आरिफ से कॉल करवाकर श्रद्धा चंद्रा और शाजिया बानो से बात की। इनमें से श्रद्धा चंद्रा के कागजातों से ही अस्पताल का पंजीकरण है। श्रद्धा चंद्रा बच्चा चोरी और पुलिस का मामला होने की वजह से पहले हड़बड़ा गईं। बाद में उन्होंने आरिफ से कहा कि तुमने मेरे नाम से पंजीकरण क्यों करा लिया, जबकि मैंने तो तुम्हें दूसरे काम के लिए कागजात दिए थे। तब आरिफ ने तर्क दिया कि मैडम आप झूठ मत बोलिए, आप तो तीन बार अस्पताल में विजिट कर मरीज भी देख चुकी हैं। तब श्रद्धा चंद्रा ने सफाई दी कि वो मरीजों की परेशानी देखकर चली थी। उनका इससे कोई मतलब नहीं दूसरी डॉक्टर ने भी पल्ला झाड़ लिया।
एसएसपी बोले- सीएमओ के स्तर से की जाएगी कार्रवाई
अस्पताल से बच्च चोरी के मामले में दोनों आरोपी जेल भेज दिए गए हैं। अन्य जो भी आरोपियों के नाम सामने आएंगे, उन्हें नामजद कर जेल भेजा जाएगा। अस्पताल के बारे में बारादरी पुलिस की रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी गई है। अन्य कार्रवाई उन्हीं के स्तर से की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में हैं भवन मालिक
पुलिस को पता लगा कि यह भवन एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में तैनात एचके सिंह की पत्नी आभा सिंह के नाम पर है। इनके भवन में कुछ महीने पहले तक दूसरा अस्पताल चल रहा था। करीब दो महीने से यह अस्पताल यहां चल रहा है। आभा सिंह से पुलिस ने बात की तो उनका कहना था कि उन्हें केवल किराये से मतलब है।
महिला अस्पताल के डॉक्टर कर रहे थे इलाज
पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ कि जिला महिला अस्पताल के डॉ. राजीव गुप्ता रोज रात को दस बजे के बाद इस अस्पताल में विजिट करते थे। जो बच्चा चोरी किया गया उसका इलाज भी राजीव गुप्ता ही कर रहे थे। डॉ. गुप्ता ने बताया कि वह संविदा पर महिला अस्पताल में कार्यरत हैं और प्राइवेट प्रैक्टिस कर सकते हैं। उन्हें बच्चा चोरी की जानकारी नहीं है पर बच्चे का इलाज उनकी ही देखरेख में चल रहा था।

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