भाजपा ही नहीं, यहां सपा और बसपा ने भी मुस्लिम नेताओं से बना ली दूरी, कारण जानकर रह जायेंगे हैरान!

मुस्लिम के नाम पर राजनीति करने वाले राजनीतिक दलों ने बरेली मण्डल में इस बार मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट देना मुनासिब नहीं समझा।

By: suchita mishra

Published: 04 Apr 2019, 01:59 PM IST

बरेली। आगामी लोकसभा चुनाव में मुस्लिम मतदाता बड़ी भूमिका अदा करेंगे। खासतौर पर उन सीटों पर जहां पर मुस्लिम मतदाता अच्छी खासी तादाद में है। ऐसे में अगर बात करें बरेली मण्डल की तो यहां की सभी पांच लोकसभा सीट पर मुस्लिम मतदाता अहम भूमिका अदा करेंगे। बावजूद इसके मुस्लिम के नाम पर राजनीति करने वाले राजनीतिक दलों ने इस बार मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट देना मुनासिब नहीं समझा। भाजपा ही नहीं, सपा बसपा गठबन्धन ने भी किसी भी सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी को नहीं उतारा है। हालांकि कांग्रेस ने बदायूं की सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारा है। ऐसा नहीं है कि मण्डल में मुस्लिम प्रत्याशियों की कोई कमी हो, तमाम ऐसे मुस्लिम नेता हैं जो प्रदेश सरकार में मंत्री रहे हैं। बावजूद इसके राजनीतिक दलों ने मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट देने से परहेज किया है।

ये है प्रमुख कारण
बरेली मंडल की पांचों लोकसभा सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी खासी तादाद है। बावजूद इसके यहां से मुस्लिम प्रत्याशी लम्बे समय से चुनाव नहीं जीत सके हैं। बरेली लोकसभा सीट पर बेगम आबिदा दो बार चुनाव जीतीं और वो 1980 से 1989 तक सांसद रहीं, इसके बाद से इस सीट पर कोई भी मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका है। पीलीभीत लोकसभा सीट पर अंतिम बार 1977 में शमसुल हसन खान ने जीत दर्ज की थी। तब से इस सीट पर कोई भी मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका है। शाहजहांपुर और आंवला में तो अब तक मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका है। बदायूं में सबसे ज्यादा छह बार मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव जीता है। यहां पर मोहम्मद असरार अहमद 1980 में चुनाव जीते थे तो सलीम शेरवानी 1984, 1996, 1998, 1999 और 2004 में चुनाव जीते।

2014 का कुछ ऐसा था हाल
2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बसपा ने मंडल की पांच सीटों में से दो पर, समाजवादी पार्टी ने एक और कांग्रेस ने एक सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा था। समाजवादी पार्टी के टिकट पर बरेली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ी आयशा इस्लाम दूसरे नंबर पर रही थीं। पीलीभीत में बसपा के प्रत्याशी फूल बाबू और बदायूं से अकमल खान तीसरे नंबर पर थे। आंवला में कांग्रेस के सलीम शेरवानी चौथे स्थान पर आए थे।

इनपुट: जितेंद्र वर्मा

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