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बरेली

पुरानी धाराओं में हुआ परिवर्तन, अधिवक्ता भी नए कानून की पढ़ रहे हैं किताबें, 302 की जगह अब हुई धारा 103

सरकार नया कानून लागू करने जा रही है। अभी तक हत्या होने पर धारा 302 मे मामला दर्ज होता था। अब एक जुलाई से हत्या के मामले में धारा 103 में रिपोर्ट दर्ज होगी। महिला संबंधी अपराधों को लेकर गंभीरता दिखाई गई है। नए कानून जानने के लिए इन दिनों पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बरेलीJun 22, 2024 / 01:45 pm

Avanish Pandey

बरेली। सरकार नया कानून लागू करने जा रही है। अभी तक हत्या होने पर धारा 302 मे मामला दर्ज होता था। अब एक जुलाई से हत्या के मामले में धारा 103 में रिपोर्ट दर्ज होगी। महिला संबंधी अपराधों को लेकर गंभीरता दिखाई गई है। नए कानून जानने के लिए इन दिनों पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नए कानून में 20 साल तक की सजा वाले मामले में फांसी होने तक का प्रावधान कर दिया गया है। एक जुलाई से होने वाले अपराधों की घटनाओं में अब और सख्त कानून होगा।
अब एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता मिलेगा लिखा
एक जुलाई से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) खत्म हो जाएगी। इसके बदल भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) लागू हो जाएगी। थानों से लेकर अदालतों में अभी तक अंग्रेजों द्वारा वर्ष 1860 में बनाए गए कानून आईपीसी को लागू किया जा रहा था। इसी के तहत एफआई दर्ज होती थी। अदालतों में सुनवाई होती थी। किसी भी एफआईआर को देखे तो उसमें सबसे पहले भारतीय दंड संहिता 1860 ही लिखा होता था। अब 1 जुलाई से इसकी जगह एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता लिखा मिलेगा। आईपीसी में 511 धाराएं थीं, जबकि बीएनएस में 358 धाराएं हैं।
अधिवक्ता भी नए कानून की पढ़ रहे हैं किताबें
पुलिस लाइन में इसको लेकर ट्रेनिंग चल रही है। इसके चलते अधिवक्ता भी नए कानून की किताबें पढ़ रहे हैं। हत्या के लिए अभी तक धारा 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज होती थी, लेकिन 1 जुलाई से धारा 103 के तहत एफआईआर दर्ज होगी। दुष्कर्म की धारा 376 की जगह मामला अब धारा 63 में दर्ज होगा। छेड़खानी की धारा 354 अब मानहानि की धारा होगी। पहले मानहानि की धारा 499 हुआ करती थी। डकैती की धारा 395 की जगह 310 (2) होगी। हत्या के प्रयास में अभी तक धारा 307 लगती थी, लेकिन अब 109 के तहत एफआईआर दर्ज होगी। धोखाधड़ी के मामले धारा 420 की जगह 316 में लिखे जाएंगे।
अब सात वर्ष से ज्यादा सजा के मामले में पुलिस हथकड़ी का कर सकेगी प्रयोग
इसी तरह से सभी अपराध की धाराएं बदल दी गई हैं। अब पुलिस वाले इसे पढ़ रहे हैं। नए कानून के तहत 7 वर्ष से ज्यादा सजा वाले मामलों में फॉरेंसिंक रिपोर्ट अनिवार्य होगी। इसके साथ ही अभी तक आरोपियों के हाथों में हथकड़ी लगाने का कानून नहीं था। अब सात वर्ष से ज्यादा सजा के मामले में पुलिस हथकड़ी का प्रयोग कर सकेगी।

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