जुलूस-ए-मोहम्मदी में न बजाएं डीजे, मस्जिद से हुई अपील

जुलूस-ए-मोहम्मदी में न बजाएं डीजे, मस्जिद से हुई अपील

suchita mishra | Publish: Nov, 10 2018 02:08:49 PM (IST) Bareilly, Bareilly, Uttar Pradesh, India

जुलूस-ए-मोहम्मदी में तेज आवाज के लाउडस्पीकर और डीजे न बजाने की अपील सिविल लाइंस की मोती मस्जिद से की गई।

बरेली। शहर में 21 नवंबर जुलूस ए मोहम्मदी निकाला जाएगा। जुलूस-ए-मोहम्मदी में तेज आवाज के लाउडस्पीकर और डीजे न बजाने की अपील सिविल लाइंस की मोती मस्जिद से की गई। मोती मस्जिद में तक़रीर करते हुऐ हाफ़िज़ चाँद खान ने कहा कि जुलूस ए मोहम्मदी सरकारे दो आलम की यौमे पैदाईश के मुबारक़ मौके पर निकाला जाता है। इस लिए जुलूस सादगी के साथ निकाले और डीजे व तेज़ आवाज़ वाले साउंड न बजाये। जुलूस में शामिल लोग बावज़ू शामिल हो और रास्ते भर दुरूद शरीफ़ और कलमा शरीफ़ पढ़ते रहे। अगर एक बन्दा 100 बार भी दुरूद शरीफ़ और कलमा शरीफ़ पढ़ता हैं तो करोड़ो दुरूद शरीफ़ का नज़राना हम अपने आक़ा को पेश कर सकते हैं।

जुलूस को लेकर हुई बैठक

जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर सिविल लाइंस कार्यालय पर जनसेवा टीम की बैठक हुई जिसमे अध्यक्ष पम्मी वारसी ने कहा कि रबी उल अव्वल का मुबारक महीना है। इस लिए हम सबको वो काम करना चाहिए जिससे रब रज़ी हो जाये और रसूल अल्लाह खुश हो। जुलूस ए मोहम्मदी में डीजे और म्यूजिक वाली नाते और कलामों से परहेज़ करें। डीजे पर हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी वो सवाब न मिलेगा जो सवाब दुरूद शरीफ़ और कलमा शरीफ़ पढ़ने पर मिलेगा।

गरीबों पर खर्च हो डीजे की रकम

बैठक में कहा गया कि डीजे पर खर्च होने वाली रक़म को गरीबों और यतीमों पर खर्च किया जाये साथ ही हर मोहल्ले की अंजुमन डीजे के रुपये से गरीब की बिटिया की शादी और गरीब बच्चों की तालीम पर खर्च करें। 21 नवम्बर को जुलूस ए मोहम्मदी शहर में निकलेगा हम सच्चे और पक्के आशिके रसूल से अपील करते हैं इस बार जुलूस में डीजे साउंड का इस्तेमाल न करें और उस पर खर्च होने वाली रक़म को गरीबों की भलाई के कामों में खर्च करें ताकि हम रसूल ए पाक की मोहब्बत का इज़हार कर सकें।

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