कर्मचारियों ने निकाली नवीन पेंशन योजना की शव यात्रा

Santosh Pandey

Publish: Oct, 12 2017 06:21:27 (IST)

Bareilly, Uttar Pradesh, India
कर्मचारियों ने निकाली नवीन पेंशन योजना की शव यात्रा

48 लाख लोगों पर पड़ा है प्रभाव, हो रहा कड़ा विरोध

बरेली। नवीन पेंशन योजना के विरोध में गुरुवार को अटेवा यानि आल टीचर्स-इम्प्लाइज वेलफेयर एशोसिएशन ने प्रदर्शन कर नवीन पेंशन योजना की शव यात्रा निकाली। एनपीएस के विरोध में मण्डल अध्यक्ष डॉ निर्भय गुर्जर के नेतृत्व में सैकड़ों की तादात में कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी जीआईसी में एकत्र हुए जहां से एनपीएस की शव यात्रा निकाली गई।शव यात्रा नावेल्टी चौराहा, पटेल चौक, चौकी चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पर समाप्त हुई। जहां पर संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सम्बोधित ज्ञापन सौपा। जिसमें पुरानी पेंशन बहाली की मांग की गई।

शवयात्रा से पहले पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूरे देश में सभी सरकारी शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों की पुरानी पेंशन योजना बन्द कर दी गई है। जिनकी संख्या करीब 48 लाख लोग है। उसके स्थान पर नवीन पेंशन योजना जबरन थोप दी गई है। जो शेयर बाजार पर आधारित है। एनपीएस नितांत घातक है। जिसमे कर्मचारियों का हित एवं धन दोनों ही सुरक्षित नहीं है जबकि सांसद, विधायक वर्तमान में ही पुरानी पेंशन का लाभ उठा रहे हैं। अटेवा पेंशन बचाओ मंच पुरानी पेंशन की बहाली हेतु देश व्यापी आंदोलन चला रहा है।जिसमे अनेक राज्य शामिल है जहां पुरानी पेंशन बहाली को लेकर लाखों कर्मचारी आंदोलनरत है। कर्मचारियों का सरकार से प्रश्न है कि एनपीएस यदि हितैषी थी तो सांसदों एवं विधायकों को इस योजना में क्यो शामिल नही किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए अटेवा पेंशन बचाओ मंच के मंडलीय संयोजक डॉ0 निर्भय सिंह गुर्जर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त लगभग 13 लाख शिक्षकों, कर्मचारियों, अफसरों को पुरानी पेंशन योजना से वंचित कर दिया गया है तथा उन पर एनपीएस थोप दिया गया है। जिसमें उनके परिवार के भविष्य की कोई सुरक्षा नही है न ही उनके धन की कोई गारंटी है। यह योजना शिक्षकों, कर्मचारियों और अफसरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

शवयात्रा में प्रमुख रूप से माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, पंचायत सफाई कर्मचारी, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग , चिकित्सा, पशु चिकित्सा, राजस्व समेत तमाम विभाग के लोग शामिल हुए।

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