मच्छरों का काम तमाम करेगी गंबूशिया मछली

Mukesh Kumar

Publish: Sep, 16 2017 01:20:02 (IST)

Agra, Uttar Pradesh, India
मच्छरों का काम तमाम करेगी गंबूशिया मछली

कमिश्नर ने मच्छर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण हेतु जैविक विधि को अपनाने की पहल की है।

बरेली। इन दिनों तमाम तरह के बुखारों से लोग परेशान है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है। ज्यादातर रोगों का कारण मच्छर है। कमिश्नर डॉक्टर पीवी जगनमोहन ने मच्छर जनित रोगों जैसे मस्तिष्क ज्वर, मलेरिया, डेंगू आदि की रोकथाम व नियंत्रण हेतु जैविक विधि को अपनाने की पहल की है। इसके लिेए लखनऊ से गंबूशिया मछली को मंगाया गया है। लार्वा खाने वाली इन मछलियों को नगर निगम क्षेत्र में आने वाले अक्षर बिहार तालाब और संजय कम्युनिटी हाल के बराबर वाले तालाब में डाला गया है। कमिश्नर ने लोगों से अपील की है कि वो इस मछली को अपने आस पास के जलीय श्रोतों में डाले जिससे कि मच्छरों से छुटकारा मिल सके।

मच्छरों का लार्वा खाती है गंबूशिया मछली
लखनऊ से आए मछली विशेषज्ञ गंबूशिया सप्लायर इन्द्रमणि राजा ने बताया कि गंबूशिया मछली की लम्बाई 3 से 5 सेमी होती है। हर माह इसकी ब्रीडिंग होती है। एक बार में ये मछली 80 से 100 बच्चे देती हैं और ये आवश्यकतानुसार जेंडर भी बदल लेती हैं। गंबूशिया अपने वजन का 40 प्रतिशत मच्छर लार्वा खाती हैं। इस मछली से किसी अन्य जलीय जीव को नुकसान नही होता हैं। प्रति एकड़ 2 हजार गंबूशिया मच्छर लार्वा खाने को पर्याप्त होती हैं। कमिश्नर ने कहा कि उन तालाबों जहां गंबूसिया डाली गई हैं वहां कैमिकल नही छिड़के।

गड्ढो, नाला, नालियों में गंबूशिया मछली
कमिश्नर ने प्राइवेट शिक्षण संस्थाएं, अन्य सामाजिक संस्थाएं, विभिन्न व्यापारिक संस्थानों, संगठनों को कहा कि उनके क्षेत्र के आसपास कहीं तालाब, पानी भरे गड्डे, नाला-नाली हैं। जिनके कारण उस क्षेत्र में मच्छर बढ़ रहे हैं। वहां गंबूशिया मछली को डलवाएं। कमिश्नर ने कहा कि इसके लिये उनसे भी सम्पर्क कर सकते हैं। इस मछली का प्रजनन अधिक होने से यह तेजी से फैलती है। इसका कोई दुष्परिणाम नहीं हैं। मच्छर के लार्वा खाने से मच्छर पनपना खत्म होगा और बीमारियां पर नियंत्रण होगा।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned