बरेली केस: छात्रा बोली- मैं बालिग हूं, प्रेमी बिलाल के साथ जाऊंगी और मेडिकल भी नहीं कराऊंगी

Highlights

- बरेली कथित लव जिहाद मामले में प्रेमी बिलाल ने किया निकाह का दावा

- छात्रा ने नहीं कराया मेडिकल परिक्षण, पुलिस और अस्पताल स्टाफ को पढ़ाया कानून का पाठ

By: lokesh verma

Published: 25 Oct 2020, 03:04 PM IST

बरेली. किला थाने में तोड़फोड़ के बाद शहर में तनावग्रस्त माहौल और प्रेमी जोड़े के तेवरों से पुलिस भी हैरान है। प्रेमी बिलाल ने अजमेर से गिरफ्तारी के बाद छात्रा से निकाह करने का दावा किया है, वहीं छात्रा भी बिलाल के बचाव में पूरी ताकत से खड़ी है। छात्रा ने पहले अस्पताल के मेडिकल स्टाफ को अपने कानूनी अधिकारों का पाठ पढ़ाया। इसके बाद पुलिस और मजिस्ट्रेट के सामने भी मझे हुए कानूनी जानकार की तरह एक के बाद एक दलीलें रखीं हैं। बता दें कि छात्रा की दलीलों के आगे पुलिस बैकफुट पर आ गई है और छात्रा का मेडिकल भी नहीं करा पाई है। वहीं, मजिस्ट्रेट ने छात्रा को नारी निकेतन भेज दिया है।

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पुलिस सूत्रों की मानें तो अजमेर के होटल से पकड़े जाने के बाद तुरंत छात्रा ने कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से ही बिलाल के साथ आई है। हालांकि उसने निकाह करने की बात नहीं कही है, लेकिन बिलाल ने छात्रा से निकाह करने का दावा किया है। पुलिस और हॉस्पिटल के स्टाफ के अनुसार, छात्रा को जब मेडिकल परीक्षण के लिए हॉस्पिटल लाया गया तो उसने आधार कार्ड और हाईस्कूल के प्रमाण पत्र दिखाते हुए खुद को बालिग बताया और परीक्षण कराने से मना कर दिया। छात्रा का कहना था कि वह बालिग है तो भला मेडिकल परीक्षण क्यों कराए? पुलिस और अस्पताल स्टाफ ने परिक्षण कराने को कहा तो वह भड़कते हुए स्टाफ से भिड़ गई। इस पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आला अधिकारियों से बात की, जिसके बाद वह छात्रा को बिना मेडिकल कराए ही वापस ले गए।

पुलिस ने छात्रा को एसीएम द्वितीय अरुणमणि के यहां पेश किया। पुलिस ने अर्जी में कहा कि छुट्टी की वजह से कोर्ट बंद हैं और न्यायिक मजिस्ट्रेट भी नहीं हैं। ऐसे निर्देश दिए जाएं कि वह लड़की को किसे सुपुर्द करें। लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने भी खुद के बालिग होने का दावा किया तो मजिस्ट्रेट ने पूछा कि वह कहां जाना चाहती है। इस पर लड़की ने प्रेमी बिलाल के साथ जाने की इच्छा जताई। लेकिन, लड़की को कानूनी तौर पर बालिग मानने के लिए अभी दस्तावेज की जांच होगी और उसके बाद न्यायालय निर्णय देगा। इस वजह से लड़की को नारी निकेतन भेजने के आदेश दिए गए।

इस संबंध में एसएसपी रोहित सिंह सजवाल ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने छात्रा को मंगलवार को कोर्ट खुलने तक नारी निकेतन में रखने के आदेश दिए हैं। इसलिए छात्रा को मजिस्ट्रेट ने नारी निकेतन भेजा गया है। मंगलवार को न्यायालय खुलने के बाद छात्रा को पेश किया जाएगा। न्यायालय में छात्रा के बयान पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी।

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