सड़क हादसे में घायलों के लिए बने नेक इंसान, सरकार करेगी सम्मान

jitendra verma | Updated: 22 Jun 2019, 02:24:21 PM (IST) Bareilly, Bareilly, Uttar Pradesh, India

आरटीओ डॉक्टर एके गुप्ता ने बताया कि सड़क हादसे में घायल लोगों को अस्पताल पहुँचाने वालों को विभाग की तरफ से सम्मानित किया जाएगा।

बरेली।अक्सर देखा गया है कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को लोग सड़क पर तड़पता ही छोड़ देते है जिससे समय से इलाज न मिलने के कारण तमाम बार घायलों की मौत भी हो जाती है। जिसका सबसे बड़ा कारण है कि लोग कानूनी कार्रवाई के डर से घायलों की मदद करने से कतराते है लेकिन अब सड़क हादसों में घायल लोगों को अस्पताल पहुँचाने वालों से कोई पूछताछ नहीं होगी बल्कि सरकार ऐसे नेक इंसान को सम्मानित करेगी और उनको प्रोत्साहन राशि के रूप में दो हजार रुपये भी मिलेंगे। इस पहल का नाम गुड सेमेटेरियन दिया गया है। आरटीओ डॉक्टर एके गुप्ता ने बताया कि सड़क हादसे में घायल लोगों को अस्पताल पहुँचाने वालों को विभाग की तरफ से सम्मानित किया जाएगा।

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22 प्रतिशत की बच सकती है जान

प्रदेश में हर साल होने वाली मौतों में 65 प्रतिशत मौत सड़क हादसों में होती है। इनमें से अगर सही समय पर घायलों को इलाज मिल जाए तो 22 प्रतिशत घायलों की जान भी बचाई जा सकती है। सरकार इस बात के लिए लोगों को जागरूक भी करती है बावजूद इसके तमाम लोग घायलों की मदद करने से हिचकते है जिसका सबसे बड़ा कारण है पुलिस की पूछताछ। सरकार की तरफ से भी ये प्रावधान हो गया है कि भर्ती कराने वाले व्यक्ति से बगैर उसकी मर्जी से पूछताछ न हो बावजूद इसके पुलिस के फेर में पड़ने के कारण लोग घायलों की मदद नहीं करते है।

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अस्पताल के बाहर लगेंगे बोर्ड

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गुड सेमेटेरियन की पहल की गई है। इसमें सरकारी और निजी अस्पतालों को शामिल किया गया है।सीएमओ के जरिए सभी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वो अस्पताल के बाहर गुड सेमेटेरियन के बोर्ड लगाएं और लोगों को घायलों की मदद के लिए प्रेरित करें। बोर्ड हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषा में होगा।

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ये हैं निर्देश

सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने वाले को पूछताछ के नाम पर परेशान नहीं किया जाएगा। वो चाहे तो अपना नाम और पता बताए बगैर भी अस्पताल से जा सकता है।


घायल के अस्पताल पहुंचते ही तुरन्त उसका इलाज करना होगा जिससे घायल की जान बचाई जा सके।

घायल को अस्पताल लाने वाले गुड सेमेटेरियन को प्रोत्साहित करने के लिए अस्पताल की तरफ से प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

घायल को इलाज के लिए अस्पताल लाने वाले व्यक्ति को इलाज के खर्च के भुगतान के लिए बाध्य नही किया जाएगा अगर वो रिश्तेदार नहीं है ।

परिवहन विभाग की ओर से गुड सेमेटेरियन को दो हजार की प्रोत्साहन राशि सड़क सुरक्षा कोष से दी जाएगी।

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