महाशिवरात्रि 2019: राशि के अनुसार इस तरह करें शिव जी का पूजन, सभी कष्ट होंगे दूर

इस बार चार मार्च को महाशिवरात्रि का व्रत है।

By: jitendra verma

Published: 03 Mar 2019, 06:00 AM IST

बरेली। भगवान शंकर को भोले भी कहा जाता है और जो भी भक्त भगवान भोले की सच्चे मन से आराधना करता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। भगवान शिव के लिए किया जाने वाला महाशिवरात्रि का व्रत भोग व मोक्ष को प्राप्त कराने वाले दस प्रमुख 10 शैव व्रतों में सर्वोपरि माना गया है। इस बार चार मार्च को महाशिवरात्रि का व्रत है। बालाजी ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित राजीव शर्मा ने बताया कि अगर राशि अनुसार शिव पूजा में कुछ उपाय किये जाएं तो सभी कष्ट दूर होते है।

मेष
अगर मेष राशि के लोगो को किसी प्रकार की मानसिक समस्या रहती है अथवा किसी प्रकार का तनाव है या कार्य क्षेत्र में हानि हो रही है तो वह लोग शिव रात्रि पर शिवलिंग पर बिल्ब पत्र पर सफेद चन्दन से श्री राम लिखें, फिल जल से अभिषेक कर अर्पण सामग्री अर्पित करें फिर ऊँ नमः शिवाय के उच्चारण के साथ प्रत्येक बिल्ब पत्र अर्पित करें।

वृष

इस राशि वाले किसी विशेष कार्य की सिद्धि के लिए दूध-दही से अभिषेक करें। सर्वप्रथम शिवलिंग पर दही से अभिषेक करें, फिर सादा जल से, फिर शहद से, फिर पुनः जल से, फिर शक्कर से, फिन पुनः जल से, फिर दूध मिश्रित जल की धारा के साथ द्वादश ज्योतिर्लिंग के मंत्रों का उच्चारण करें, फिर सफेद चन्दन से तिलक करें, फिर ही श्रृगांर का इत्र लगायें।

मिथुन

इस राशि का स्वामी बुद्ध है जो कि चन्द्र का प्रबल शत्रु है इसलिए धन प्राप्ति के लिए शिवरात्रि में शिवलिंग पर शहद से अभिषेक करें, अभिषेक करते समय ऊँ नमः शिवाय कालं महा काल कालं कृपालं ऊँ नमः का जाप करते रहें।

कर्क

इस राशि का स्वामी चन्द्रमा है। जो शिव जी का परम प्रिय आभूषण है इसलिए कभी भी इस राशि वालों को किसी प्रकार की समस्यां से मुक्ति पाने के लिए शिव रात्रि पर शिवलिंग को दूध, गंगाजल व मिश्री से अभिषेक कराना चाहिए। अभिषेक के साथ ऊँ चन्द्रमौलेश्चर नमः का जाप करते रहना चहिए।

सिंह

यदि सिंह राशि के लोग शत्रु वर्ग से रक्षा चाहते है तो उन्हें शिवरात्रि पर शिवलिंग को ऊँ नमः शिवाय कालं महा काल कालं कृपालं ओम नमः के जाप के साथ शुद्ध घी से अभिषेक कराना चाहिए।

कन्या

इस राशि का स्वामी बुद्ध है अतः शिवलिंग पर दूध, घी और शहद से अभिषेक करें। बिल्बपत्र, मदार के पुष्प, धतुरा तथा बेल का फल अर्पित करें तत्पश्चात भांग अर्पित करें। अभिषेक कराते समय ऊँ नमः शिवाय कालं ओम नमः का जाप करते रहे।

तुला

इस राशि का स्वामी शुक्र है इसलिए किसी प्रकार की समस्या से बचने के लिए एवं भोले भण्डारी की कृपा प्राप्त करने के लिए दही एवं गन्ने के रस से शिवलिंग को अभिषेक कराना चाहिए, तत्पश्चात गरीबों
में थोड़ी मिश्री का दान अवश्य करना चहिए।

वृश्चिक

इस राशि का स्वामी मंगल है इसलिए शिवरात्रि पर शिवलिंग पर तीर्थ स्थान के जल, दूध में शक्कर मिलाकर अभिषेक करायें एवं बाद में लाल चन्दन से तिलक करें।

धनु

इस राशि के स्वामी गुरू हैं अतः इन जातकों को सदैव शिवलिंग को कच्चे दूध, केसर, गुड़ व हल्दी मिलाकर अभिषेक कराना चाहिए। इसके बाद केसर व हल्दी से तिलक करें और पीले पुष्प अर्पित करें। अभिषेक कराते समय ऊँ नमः शिवाय, गुरू देवाय नमः करना चाहिए।

मकर

इस राशि के स्वामी शनि देव हैं अतः शत्रु बाधा समाप्त करने के लिए शिवरात्रि पर घी, शहद, और बादाम के तेल से अभिषेक के बाद नारियल के जल से अभिषेक कराना चाहिए और नीले पुष्प अर्पित करने चाहिए। अभिषेक करते समय ऊँ नमः शिवाय का जाप करना चाहिए।

कुंभ
इस राशि वालों को शारीरिक कष्ट, विघ्न बाधाओं को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर घी, शहद, शक्कर और बादाम के तेल से अभिषेक के बाद नारियल के जल से स्नान कराना चाहिए। हर श्रृंगार के इत्र लगाने के बाद सरसो के तेल से तिलक कर पुनः रोली से तिलक कर नीले पुष्प अर्पित करें। अभिषेक के समय ऊँ नमः शिवाय अथवा ज्योतिर्लिंग के मंत्र या फिर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।

मीन

इस राशि के स्वामी गुरू होते हैं इसलिए इस राशि के जातकों को कच्चे दूध में केसर व तीर्थ स्थान का जल मिलाकर अभिषेक कराना चाहिए। अभिषेक के बाद केसर व हल्दी से तिलक करना चाहिए। फिर पीले पुष्प नागकेसर के साथ केसर के रेश अर्पित करें, अभिषेक कराते समय ऊँ नमः शिवाय गुरू देवाय नमः ऊँ का जाप करना चाहिए।

maha shivratri
Show More
jitendra verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned