Flash Back: प्रदेश को पहला मुख्यमंत्री देने का गौरव बरेली को

Flash Back: प्रदेश को पहला मुख्यमंत्री देने का गौरव बरेली को
govind ballabh pant

Mukesh Kumar | Updated: 08 Feb 2017, 06:50:00 PM (IST) Bareilly, Uttar Pradesh, India

स्वतंत्र भारत के नवनामित राज्य उत्तर प्रदेश के पंडित गोविंद बल्लभ पंत पहले मुख्यमंत्री थे। 

बरेली। जिले को प्रदेश का पहला मुख्यमंत्री देने का गौरव प्राप्त है। उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत बरेली की शहर विधानसभा से चुनाव लड़कर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने थे। इस सीट पर लम्बे समय तक कांग्रेस का कब्जा रहा लेकिन अब बरेली की शहर सीट कांग्रेस का गढ़ बन चुकी है। यहां पर 32 साल से भाजपा का कब्जा हैं। इस सीट पर कांग्रेस अंतिम बार 1980 में जीती थी तब कांग्रेस के राम सिंह खन्ना ने विजय प्राप्त की थी। जिसके बाद हुए 1985 के चुनाव में बीजेपी ने इस सीट पर कब्जा जमाया और ये सीट तब से बीजेपी के खाते में हैं।

अल्मोड़ा में हुआ था जन्म
गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा जिले के श्यामली पर्वतीय क्षेत्र स्थित खूंट गांव में महाराष्ट्रीय मूल के एक कहाड़े ब्राह्मण कुटुंब में हुआ था। इनकी मां का नाम गोविंदी बाई और पिता का नाम मनोरथ पंत था। बचपन में ही पिता की मृत्यु हो जाने के कारण उनकी परवरिश उनके दादा बद्री दत्त जोशी ने की। 1905 में उन्होंने अल्मोड़ा छोड़ दिया और इलाहाबाद चले गये।
 
यूपी के बने पहले मुख्यमंत्री
17 जुलाई 1937 से लेकर दो नवंबर 1939 तक वे ब्रिटिश भारत में संयुक्त प्रांत अब यूपी के पहले मुख्यमंत्री बने। इसके बाद दोबारा उन्हें यही दायित्व फिर सौंपा गया और वे एक अप्रैल 1946  से 15 अगस्त 1947  तक संयुक्त प्रान्त (यूपी) के मुख्यमंत्री रहे। जब भारत का अपना संविधान बन गया और संयुक्त प्रांत का नाम बदल कर उत्तर प्रदेश रखा गया तो फिर से तीसरी बार उन्हें ही इस पद के लिये सर्व सम्मति से उपयुक्त पाया गया। इस प्रकार स्वतन्त्र भारत के नवनामित राज्य उत्तर प्रदेश के वो पहले मुख्यमंत्री बने।

bareilly city
बरेली सिटी रेलवे स्टेशन
2012 का परिणाम
बरेली शहर सीट पर 2012 के चुनाव में बीजेपी के डॉक्टर अरुण कुमार ने सपा के अनिल शर्मा को पराजित किया। अरुण कुमार को 68983 वोट मिले। जबकि सपा के अनिल शर्मा ने 41921 प्राप्त किए।

शहर विधानसभा के जातिगत आंकड़े
विधानसभा क्षेत्र के कुल मतदाता - 415244
पुरुष मतदाता - 228660
महिला मतदाता - 186568
अन्य - 14

विधानसभा क्षेत्र के जातिगत आंकड़े
मुस्लिम - 1 लाख 50 हजार
ब्राह्मण  - 15 हजार
वैश्य - 40 हजार
कायस्थ - 80 हजार
कुर्मी - 15 हजार
पंजाबी - 25 हजार
लोधी - 10  हजार
कश्यप - 10  हजार
मौर्या - 15  हजार
जाटव - 10  हजार
ठाकुर - 10  हजार
अन्य - 30 हजार

इस बार ये हैं मैदान में
इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने मौजूदा विधायक अरुण सक्सेना को ही प्रत्याशी बनाया है। जबकि बसपा ने इंजीनियर अनीस अहमद को मैदान में उतारा है। सपा-कांग्रेस गठबंधन ने कांग्रेस के प्रेम प्रकाश अग्रवाल पर दांव लगाया है।

विधानसभा की समस्याएं
सिटी विधानसभा की प्रमुख समस्या है बाकरगंज का ट्रंचिंग ग्राउंड। जहां पर शहर भर का कूड़ा डाला जाता है। इलाके में कूड़े के पहाड़ बन गए है जिसके कारण यहां रहने वाली आबादी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कूड़े और गंदगी के कारण तरह तरह की बीमारियां तो फैलती ही हैं। साथ ही इलाके में रहने वालों के यहां लोग रिश्ता करने से भी कतराते हैं। कूड़े के निजात के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की शुरुआत हुई लेकिन एनजीटी के आदेश के बाद वो भी बन्द हो गया। यहां के लोगों की समस्या की तरफ किसी का भी ध्यान नहीं है जिसके कारण यहां के लोगों की आवाज उठाने वाली सामाजिक संस्था ने एनजीटी की शरण ली है। इसके अलावा लड़कों के लिए डिग्री कॉलेज की मांग भी लम्बे समय से चली आ रही है, ट्रेफिक जाम और अवैध कालोनियों में सड़क सीवर भी मुख्य समस्या है।


Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned