गत साल दिए 275 करोड़, अब 600 करोड़ का लक्ष्य, फिर किसान रहेंगे वंचित !

- ग्राम सेवा सहकारी समिति पर व्यवस्थापक कर सकेंगे ऋण वितरण
- 1 लाख 64 हजार किसानों को मिलेगा खरीद फसली ऋण

 

By: Moola Ram

Published: 23 Apr 2020, 02:38 AM IST

बाड़मेर. सरकार की कर्ज माफी योजना के बाद किसानों के लिए फसली ऋण आफत बना हुआ है। अब वर्ष 2018 में ऋण माफी का फायदा उठाने के बाद भी ओवरड्यू रह गए किसानों को लोन नहीं मिल पाएगा। बाड़मेर जिले में ऐसे हजारों किसान हैं। हालांकि सरकार ने 5000 ओवरड्यू ऋण राशि वाले किसानों को राहत दी है।

साथ ही इस साल खरीफ फसली ऋण के लिए 600 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार ने दी बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अधीन संचालित ग्राम सेवा सहकारी समितियों के तहत किसानों को फसली ऋण के लिए 600 करोड़ का लक्ष्य देते हुए कर गाइडलाइन जारी कर दी है।

बाड़मेर जिले में गत साल के लिए 1लाख 64 हजार किसानों ने आवेदन किए थे, जबकि सहकारी समितियां 1लाख 4 हजार किसानों को 275 करोड़ रूपये का लोन वितरण कर पाई थी।

ऐसी स्थति में 60 हजार किसान फसली ऋण से वंचित रह गए थे। अब सहकारी समिति का दावा है कि गत साल के पंजीयन अनुसार सभी किसानों को लोन मिलेगा। इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

- 2018 के ओवरड्यू पर संकट

वर्ष -2018 में पूर्ववर्ती व वर्तमान सरकार ने लगातार ऋण माफी की घोषणाएं कर किसानों को उलझा दिया। चुनावी साल के बाद से फसली ऋण वितरण योजना पटरी पर नहीं आ पाई है। अब दो साल बाद भी चुनावी साल में वंचित रहे किसानों को ऋण नहीं मिल पाएगा।

- फेक्ट फाइल

1 लाख 64 हजार ऋणी किसान
284 ग्राम सहकारी समितियां है जिले में
600 करोड़ का इस साल ऋण वितरण का लक्ष्य
275 करोड गत साल हुआ था वितरण

- खरीब ऋण वितरण प्रक्रिया शुरू

खरीब ऋण वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बाड़मेर जिले में 600 करोड़ का लक्ष्य है। 1लाख 64 हजार किसानों ने गत साल आवेदन किए थे।

लेकिन 60 हजार वंचित रह गए थे। अब सभी को लोन मिलेगा। वर्ष - 2018 में ओवरड्यू रहे किसानों के लिए 5 हजार तक छूट मिली हैं। अन्य के भी निर्देश मिले हैं।

- रामसुख, प्रबंध निदेशक, दी बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, बाड़मेर

Show More
Moola Ram
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned