बाड़मेर. जिले की पैंतीस बालिकाओं के चेहरों पर खुशी छलक गई है। छात्रवृत्ति योजना की योग्यता रखने के बावजूद जिम्मेदारों की बेरुखी के चलते वे लाभ पाने से वंचित थी। पत्रिका ने समाचार प्रकाशित किया तो जिम्मेदारों की नींद खुली और उन्होंने आवेदन भरे। एेसे में इन बालिकाओं को अब छात्रवृत्ति का लाभ मिल सकेगा।

गौरतलब है कि २१ फरवरी के अंक में बालिका प्रोत्साहन में जिम्मेदारों के बेरुखी पड़ रही भारी शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस मामले को उजागर किया था। तीन बार सूचना मांगने के बावजूद नहीं देने से इन छात्राओं की छात्रवृत्ति पर संशय के बादल मंडराने की स्थिति को उजागर करने के बाद शिक्षा विभागीय जिम्मेदारों ने छात्रों की जानकारी संकलित की।

गौरतलब है कि शैक्षणिक सत्र २०१७-१८ में जिले के कस्तूरबागांधी विद्यालयों में अध्ययन कर चुकी बालिकाएं जो वर्तमान में पढ़ाई कर रही है, उनको विशेष सावदी जमा रसीद ( एसटीडीआर) योजना के तहत एफडीआर बना कर दी जाती है। योजना के तहत एेसी बालिकाएं २०१९-२० में सरकारी विद्यालय से पचास फीसदी अंकों के साथ दसवीं उत्तीर्ण करने के बाद शिक्षा सत्र २०२०-२१ में ग्यारहवीं में अध्ययनरत है, उसको दो हजार रुपए की एफडीआर पांच साल के लिए बना कर दी जाती है। किसी भी कस्तूरबागांधी विद्यालय से आठवीं उत्तीर्ण करने के बाद शिक्षा सत्र २०१९-२० में राजकीय विद्यालय से पचास फीसदी अंक से बारहवीं उत्तीणर्् कर २०२०-२१ में स्नातक प्रथम वर्ष में अध्ययनरत है उसको चार हजार रुपए की एफडीआर तीन साल की बना कर दी जाती है।

योजना के तहत बाड़मेर से एक भी आवेदन नहीं गया था। अब शिक्षा सत्र २०२०-२१ में सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत २७ बालिकाओं तथा कॉलेज में अध्यनरत ०८ छात्राओं के आवेदन जमा हुए हैं।

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