57 संदिग्ध पकड़े, पाकिस्तानी 16, सीमा अलर्ट

57 संदिग्ध पकड़े, पाकिस्तानी 16, सीमा अलर्ट
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17 महिनों में सीमा तक पहुंचे 57 संदिग्ध, सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता ने थार में घुसपैठ को रोका,पश्चिमी सीमा पर हाई अलर्ट की स्थिति, रेलवे स्टेशन के विस्तार को लेकर भी भारत को आपत्ति,पाकिस्तान कह रहा है भूल से आ गए थे संदिग्ध, इनको रिहा कर दिया जाए

पश्चिमी सीमा पर एक ओर पाकिस्तान जीरो लाइन पर बने रेलवे स्टेशन के विस्तार कर रहा है तो दूसरी ओर यहां पकड़े जा रहे संदिग्धों को भी भूल से आना बता रहा है। 

लगातार पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा की घुसपैठ की वारदातें सामने आने के बाद अब बीएसएफ, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट हो गई है। 

पाकिस्तान की ओर से सोशल मीडिया का दुरूपयोग भी होने लगा है।

भारत-पाक की अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र से सुरक्षा एजेसियों ने पिछले 17 माह में 57 लोगों को हिरासत में लिया। 

इसमें वर्ष 2016 में 33 भारतीय और 14 पाकिस्तानी विदेशी नागरिक शामिल थे, जिसमें 11 पाक नागरिक पाए गए।

 वहीं वर्ष 2017 में 7 भारतीय नागरिक व 3 विदेशी नागरिकों को बॉर्डर पर संदिग्धावस्था में पकड़ा है। जिसमें 2 पाक नागरिक थे।

आईएसआई की पश्चिमी बॉर्डर पर नजर

पाक खुफिया एजेंसी की नजर अब पश्चिमी सीमा पर है। जैसलमेर और बाड़मेर में लगताार उनके इरादों पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पानी फेर रही है। 

हिरासत में लिए गए संदिग्धों से कोई बड़ा खुलासा तो नहीं हुआ है।

भारतीय नेटवर्क बढ़ाने की दरकार

पश्चिमी सीमा पर बॉर्डर इंटेजीजेंसी की 17चौकियां थी जो इस नेटवर्क पर पूरा ध्यान रखे हुए थी। इन चौकियों को एक दशक पहले बंद कर दिया गया। 

इसके अलावा बॉर्डर पर गुरिल्ला ( एसएसबी वॉलींटियर्स) का भी गांव-गांव नेटवर्क था इसको भी यहां से हटा दिया गया।

 एेसे में अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए मौजूदा संसाधनों में ही काम चलाना पड़ रहा है।

संयुक्त चौकसी का मिला फायदा

अब तक तोड़े गए नेटवर्क में सेना, बीएसएफ के साथ अब पुलिस भी संयुक्त चौकसी में शामिल है और बॉर्डर के थानों के पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है।

 एेसे में अब तक संदिग्धों का नेटवर्क तोडऩे में कामयाब रह है।

पाकिस्तान कह रहा है भूल से आ गए

अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे पाकिस्तान की हिमाकत देखिए पिछले दिनों हुई पाक रैंजर्स और 

बीएसएफ डीआईजी स्तरीय बैठक में पाकिस्तान ने बॉर्डर पार से आए संदिग्धों को लेकर कहा कि ये तो भूल से आ गए थे। भारत को इन्हें रिहा कर देना चाहिए।

वर्ष 2016 की प्रमुख घटनाएं

-6 जनवरी: जासूस रंजीत ने पूछताछ में कबूला कि जैसलमेर एयरबेस की सूचनाएं दी थी पाक को।

-19 अगस्त: जैसलमेर में पाकिस्तानी जासूस नंदू गर्ग उर्फ नंदू महाराज को पकड़ा। यह जासूस चोरी छिपे नहीं बाकायदा पासपोर्ट और वीजा के जरिए भारत आया। पाकिस्तानी जासूस के पास कुछ संदिग्ध सामग्री भी बरामद हुई।

-20 अगस्त: सीमा सुरक्षा बल की 16वीं वाहिनी के जवानों ने सीमा क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में घूम रहे एक व्यक्ति को पकड़ा। उसके पास भारतीय मुद्रा के अलावा तीन विजिटिंग कार्ड मिले।

ये घटनाएं भी आई सामने

-वर्ष 2016 में जैसलमेर में नंदलाल और इस वर्ष सद्दीक को जासूसी करते हुए पकड़ा गया। आरोप है कि इन दोनों ने भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए जासूसी कर पाकिस्तान को सूचनाएं भेजी।

- दिल्ली क्राइम ब्रांच टीम ने जासूस मौलाना रमजान को गिरफ्तार किया था। यह जासूस मूल निवासी माणक ढाणी बाड़मेर का था। इसके तार सीमावर्ती क्षेत्र से जुड़े हुए थे। दिल्ली क्राइम ब्रांच टीम ने बाड़मेर में इससे जुड़े लोगों से भी पूछताछ की थी।

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