बाड़मेर नगर परिषद की बोर्ड बैठक में हंगामा,15 मिनट में इतने करोड़ का बजट पारित

bhawani singh

Publish: Feb, 15 2018 01:51:43 PM (IST)

Barmer, Rajasthan, India

नगर परिषद की बोर्ड बैठक: शहर विकास की कोई तस्वीर नहीं दिखी

बाड़मेर.शहर में अस्वछ्ता की समस्या बनी हुई है। शहर के सौंदर्यीकरण के लिए बनाई गई योजना भी अधर में ही लटकी है। ऐसे में बिना किसी बड़ी योजना के नगरपरिषद ने महज 15 मिनट में वर्ष 2018-19 का 67 करोड़ 14 लाख का बजट पारित कर दिया। पिछले साल इसी नगरपरिषद बोर्ड ने 76उ करोड़ 20 लाख का बजट पारित किया था।

पार्षद सभापति को घेरे रहे और तूं-तड़ाक और झौड़ एेसा चला कि सारे मुद्दे गौण हो गए। शहर के विकास को लेकर एकत्रित हुई शहर की सरकार यह भी विचार नहीं कर पाई कि 2018-19 में शहर को देगी क्या? बस सड़क,पानी और बिजली के कुछ कामों की सूची को ऊंचा-नीचा करके बजट पेश करने की रस्म अदायगी हो गई।

हंगामा

कांग्रेस के पाषर्द सुरतानसिंह ने बैठक के प्रारंभ में हंगामा करना शुरू किया। उन्होंने कहा कि 5 जनवरी को हुई बैठक में निर्णय हुए थे, लेकिन बैठक के विवरण में उनको शामिल क्यों नहीं किया। इस पर भाजपा पार्षद जगदीश खत्री ने ऐतराज किया। लेकिन जिम्मेदारों ने नहीं सुना।

सभापति बोले-प्रोसीडिंग में लिखना जरूरी नहीं
पार्षदों के हंगामे के बाद सभापति ने कहा कि आप तो कुछ भी बोल देंगे, प्रोसीडिंग में लिखना जरूरी नहीं है। इस पर पार्षद ने कहा कि कार्यवाही तो लिखनी ही पड़ेगी। पोपो बाई रो राज कोनी है? प्रतिपक्ष नेता मदन चण्डक ने कहा कि साधारण बैठक में उठाए गए पार्षदों के मुद्दे गौण किए है। ऐसा पहली बार हुआ है। यह गलत है।

दो पार्षद अड़ गए, विपक्ष बोला- बजट पारित करो
पार्षदों ने कहा कि पिछली बैठक में हुए निर्णय को प्रोसीडिंग में शामिल किया जाए। सभापति ने कहा कि बजट पारित होने के बाद कर दूंगा, लेकिन दो पार्षद अड़ गए और वेल में आकर हंगामा किया। सभापति ने उनकी बात सुने बिना बजट का पठन करना शुरू कर दिया। हंगामे के बीच बजट पारित हो गया। पार्षद रेणु दर्जी ने कहा कि पिछली बैठक में मुझे निलम्बित क्यूं किया, इसका कारण अभी तक नहीं बताया है। अभी पार्षद हंगामा कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह कहां का न्याय है।

माइक खींच लिया, आग बबूला हुए सभापति
पार्षद सुरतानसिंह अपनी बात सुनाने के लिए वेल में पार्षद अनिल जोशी के साथ अड़े हुए थे। दूसरी तरफ हो-हल्ले के बीच सजिभापति बजट भाषण पढ़ रहे थे तो कुछ पार्षद बिना सुने ही हां कर रहे थे। इस दौरान पार्षद सुरतानङ्क्षसह ने माइक हाथ से छीन लिया और अपनी बात कहने लगे। इस पर पार्षद दिलीप पालीवाल ने मामला शांत करवाया।

पार्षद बोले- मुंह दिखाने लायक नहीं रहे?
कांग्रेस बोर्ड के पार्षद दबी जुबान में कह रहे थे विपक्ष क्यूं कुछ बोल नहीं रहा है? शहर में समस्याएं हावी है? अधिकारी किसी की सुन नहीं रहे हैं? और विपक्ष की चुप्पी के कारण विकास नहंी हो रहा है। इसके लिए विपक्ष जिम्मेदार है। कुछ पार्षदों का कहना था कि जनता के सामने मुंह दिखाने लायक नही रहे है।

पिछले बजट की हकीकत
नगर परिषद चालू वित्तीय वर्ष में न तो आय का लक्ष्य हासिल कर सकी है और न ही व्यय कर पाई है। चालू वित्तीय वर्ष में नगर परिषद को करीब 45 करोड़ की आय अर्जित करनी थी जबकि दिसम्बर माह तक महज 12 करोड़ रुपए आय प्राप्त हुई है। विकास कार्य व विभिन्न आवश्यकताओं पर करीब 24 करोड़ रुपए व्यय होने थे, लेकिन 15 करोड़ रुपए खर्च हो सके हैं।

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आंकड़ों में नगर परिषद का बजट

आय की दृष्टि से-
मद - बजट वर्ष- 2018-19

राजस्व प्राप्तियां - 3803.91
पूंजीगत प्राप्तियां - 2339.00

योग - 6142.91
ेप्रारम्भिक शेष - 572.05

योग- 6714.96


व्यय की दृष्टि से
मद - बजट वर्ष- 2018-19

राजस्व व्यय - 2478.40
पूंजीगत व्यय- 4046.00

योग- 6524.40
अंतिम शेष- 190.56

योग - 6714.96
(राशि लाखों में)
महिलाओं के लिए ई-रिक्शा वाहिनी

शहर की सरकार ने महिलाओं के लिए महिला ई-रिक्शा वाहिनी लागू करने की घोषणा की है। जिसमें नगर परिषद क्षेत्र में ट्रायल के लिए 5 ई-रिक्शा की खरीद होगी। ये रिक्शा शहर में चलाए जाएंगे। इसमें केवल महिलाएं ही सफर करेंगी। साथ ही इनकी चालक भी महिलाएं होंगी। योजना पर पर 7.50 लाख रुपए का व्यय होने का अनुमान है।

आंकड़ों पर एक नजर

आय की उम्मीद

- कर : 72 लाख आवासीय : 1 लाख, वाणिज्यक : 66 लाख, गृहकर : 5 लाख, चूंगी क्षतिपूर्ति : 10 करोड़ 41 लाख।
- किराया : 96.50 लाख, होर्डिग/विज्ञापन : 13.50 लाख, भवन निर्माण : 1 करोड़ 55 लाख, मोबाइल टॉवर : 20 लाख,

- विनियमन प्रभार : भवन निर्माण नियमितिकरण: 50 लाख, कृषि भूमि नियमन : 1 करोड़ 50 लाख, भू-उपयोग/स्टेटग्रांट: 5 करोड़
- उपभोक्ता प्रभार : पट्टा भूमि : 1 करोड़ 50 लाख, पार्किग ठेला, कूड़ा, कचरा, मलबा, सफाई व अन्य : 18 लाख

- भूमि विक्रय :12 करोड़
- रोड कटिंग : 1 करोड़ 10 लाख, सुलभ शाौचालय : 20 लाख


पंूजीगत प्राप्तियां

- आईएचएस डीपी योजना : 35 लाख, पिछड़ा जिला विकास योजना : 80 लाख
- 13वें/14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत अनुदान : 2 करोड़ 75 लाख

- स्वच्छ भारत मिशन के तहत : 1 करोड़ 55 लाख
- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन : 65 लाख

- सड़क मरम्मत अनुदान : 1 करोड़
- आईडीएसएमटी योजना : 1 करोड़ 50 लाख

- राज्य वित्त आयोग : 2 करोड़ 50 लाख
- बीपीएल आवास योजना- 1 करोड़ 50 लाख


शहर के विकास पर होगा खर्च

- सड़क निर्माण : 18 करोड़ 15 लाख,

पुल : 1 करोड़ 20 लाख, सीवरेज व अन्य : 4 करोड़ 50 लाख
- सार्वजनिक शौचालय निर्माण : 30 लाख

- टाउन हॉल/ अन्य भवन : 40 लाख
- खेल मैदान : 15 लाख

- गैराज : 15 लाख,
दमकल : 10 लाख

- कांजी हाउस : 60 लाख,

जलमार्ग : 40 लाख

- सौन्दर्यीकरण : 30 लाख,
पार्क : 25 लाख

- विद्युत खर्च : 30 लाख
- वाहन खरीद : जीप/कार : 20 लाख,

ट्रक : 50 लाख
टेम्पो : 30 लाख

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