अधिकारी बदले तो चारा पात्र की योजना भी ठंडे बस्ते में

-शहर की सड़कों को बेआसरा पशुओं से करना था मुक्त

-जगह-जगह चारा पात्र रखवाने की थी योजना

By: Moola Ram

Published: 20 Jul 2018, 11:32 AM IST

-जगह-जगह चारा पात्र रखवाने की थी योजना

बाड़मेर. शहर में बेआसरा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बनाई गई योजना अधिकारी बदलने के बाद ठंडे बस्ते में डाल दी गई। नगर परिषद के आयुक्त रहे धर्मपाल जाट ने सड़क पर पशुओं को हरा चारा डालने से रोकने को लेकर जगह-जगह लोहे के बॉक्स लगाने की योजना बनाई थी। इस योजना के तहत सात माह पहले बॉक्स आ भी गए, लेकिन अब इन्हें शहर में लगाने को लेकर कोई जिम्मेदार रूचि नहीं दिखा रहा है।

शहर में जगह-जगह सड़क पर हरा चारा डालने के कारण पशुओं का जमावड़ा रहता है। सुबह सड़कों पर चारा डालने से आसपास पशुओं के मंडराने से राहगीरों व स्कूल जाने वाले बच्चों को सर्वाधिक परेशानी होती है। इसी समस्या के समाधान को लेकर चारा पात्र रखने की योजना बनी थी। लेकिन अधिकारी बदलने के बाद योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।

यह होना था
शहर की सड़कों पर बेआसरा पशुओं का जमावड़ा नहीं हो। हरा चारा बॉक्स में डालने के बाद इसे कांजी हाउस पहुंचाना था। जहां बेआसरा पशुओं को चारा उपलब्ध हो सके तथा शहर को कहीं पशु एकत्रित नहीं हो। योजना के चलते सात माह पहले सात चारा पात्र तो मंगवा दिए। अब चारा पात्र स्टेडियम में पड़े धूल फांक रहे हैं।

चारा बन रहा दुर्घटना का कारण
हरा चारा बेचने वाले ठेला चालक शहर के प्रमुख मार्गों पर चारा लेकर खड़े रहते हैं। लोग इनसे चारा खरीदकर सड़क पर ही फेंक देते हैं। चारे पर सुबह से शाम तक पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे में दुर्घटना का अंदेशा रहता है।

यहां पर ज्यादा परेशानी
शहर के मोक्ष धाम, 4 नबंर स्कूल फाटक, चौहटन चौराहा, सदर थाने के पास, कृषि मंडी, पुराना जाटावास, जवाहर चौक, पुरानी सब्जी मंडी, आजाद चौक सहित कई स्थानों पर ठेला चालक सड़कों पर चारा डाल रहे हैं।

Show More
Moola Ram
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned