बॉर्डर पर एयर स्ट्रीप : धोराधरती से भारत की युद्धशक्ति का नव ...श्रीगणेश

- भारतीय वायुसेना के तीन ताकतवर लड़ाकू विमानों ने दिखाए करतब, भारत-पाक बॉर्डर से 40 किमी दूरी पर आपात हवाई पट्टिका का लोर्कापण

By: भवानी सिंह

Published: 10 Sep 2021, 05:33 PM IST

बाड़मेर.
सुदूर तक फैले ऊंचे-ऊंचे धोरे..वही धोरे जहां 1971 के युद्ध में छाछरो फतेह का स्वर्णिंम इतिहास लिखा हुआ है और 1965 के युद्ध में दुश्मन के दांत खट्टे करने का गौरव। रेगिस्तान का वह इलाका जो दुश्मन थल और नभ की संयुक्त ताकत से दो बार धूल चटा चुका है गुरुवार को इन्हीं धोरों पर सुखोई विमान तेज गति से उतरे और वापस यहीं बनी हवाई पट्टिका से उड़कर आसमान चीरते नजर आए तो वायुसेना और भारत की युद्धशक्ति के नए युग का श्रीगणेश हुआ। साक्षी थे देश के रक्षामंत्री राजनाथसिंह और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी।


भारत-पाक बॉर्डर तारबंदी से महज 40 किलोमीटर दूरी पर गांधव-साता के बीच भारतमाला हाईवे पर भारतीय आंतरित सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से निर्मित आपातकालीन हवाई पट्टिका पर गुरुवार को भारतीय वायुसेना के विमानों ने लैंडिग कर ताकत दिखाई। बॉर्डर के रेतीले धोरो के बीच जहां सड़क के लिए वांशिदें वर्षो से तरस रहे थे, जहां एका-एक आसमान में विमानों की गूंज ने रोमाचिंत कर दिया। साथ ही बॉर्डर पर हवाई पट्टिका पर फ्लाईपास्ट कर रहे थे, वह विमान जंगलो व हिमालय के दुर्गम इलाकों में दुश्मनों का आंख दिखा चुके है। बाड़मेर जिले में हवाई अभ्यास स्वर्णिम अक्षरों में इतिहास बना लिया।
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यह है तीन विमानों की खासियत
फाइटर विमान
सी-130 (हरक्यूलस) : यह भारतीय वायुसेना का मालवाहक है, जो एक से दूसरे स्थान पर भारतीय सेना में उपयोग में आने संसाधन पहुंचाता है। हवाई पट्टिका लोकार्पण के दौरान रक्षामंत्री राजनाथसिंह व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इसी विमान से पहली लैडिंग की।
सुखोई- 30 : यह लड़ाकू विमान हिन्दुस्तान की वो ताकत है, जिससे दुश्मन देश के पसीने छूट जाते है। यह भारतीय वायुसेना की अग्रिम पंक्ति का ताकतवार विमान है। यह विमान तीन हजार प्रति किलोमीटर एक घण्टें की रफ्तार से चलता है। विमान के उडऩे की क्षमता, हवा और जमीन में तेजी से मिसाइलें दागने के कारण यह भारतीय वायु सेना का सबसे अहम लड़ाकू विमान है।
जगुआर
जगुआर लड़ाकू विमान को भारतीय वायुसेना में शमशेर नाम से जाना जाता है। इस विमान की खासियत यह है कि दुश्मन के इलाके के अंदर घुसकर किसी भी जगह हमला कर सकता है।
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यों हुई ताकतवार विमानों लैंडिग
- भारत-पाक बॉर्डर से महज 40 किमी दूरी पर भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत अडग़ावा-सेसावा के बीच निर्मित हवाई पट्टी पर गुरुवार सुबह 10 बजकर 55 मिनट पर सी-130 विमान की सर्वप्रथम रक्षामंत्री राजनाथसिंह व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को लेकर लैंडिग हुई।
- सुखोई-30 फाइटर विमान ने 11 बजकर 20 मिनट पर हवाई पट्टिका को लो ओवर शूट किया। यानि हवाई पट्टिका को टच करते हुए आमसान की ओर उड़ान भर दी। उसके बाद सुखोई ने अपने मिशन के तहत हवाई पट्टिका पर लैंडिग की। कुछ ही देर में दूसरे मिशन के लिए उड़ान भर दी।
- 11 बजकर 30 मिनट पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अतिथियों के सामने जगुआर ने फ्लाई फास्ट किया। उसके बाद जगुआर विमान ने टच एंड गो यानि आसमान से हवाई पट्टी पर टच करते हुए दुबारा अपने उड़ान भरी। उसके बाद सुखोई-30 ने फ्लाईपास्ट किया।
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भवानी सिंह
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