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आयुष चिकित्सा अब पहुंचेंगी गांव-गांव, परम्परागत चिकित्सा पद्धतियों से होगा इलाज

-गांवों में आयुष चिकित्सालय खुलने से मिलेगा लाभ
-बाड़मेर जिले में 6 ब्लॉक में मिलेगी चिकित्सा सुविधा

बाड़मेर

Updated: November 18, 2021 08:50:49 pm

महेन्द्र त्रिवेदी
बाड़मेर. परम्परागत चिकित्सा पद्धातियों को गांवों तक पहुंचाने के लिए आयुष चिकित्सालयों की स्थापना की जा रही है। यहां पर आयुर्वेद, यूनानी व होम्योपैथी चिकित्सा सुविधा लोगों को उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश में कुल 58 ब्लॉक मुख्यालयों पर आयुष चिकित्सालय संचालित होंगे। वहीं बाड़मेर जिले में 6 ब्लॉक पर यह सुविधा आमजन को मिलेगी। अस्पतलों में पांच प्रकार की चिकित्सा एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी।
शहरों के बाद गांवों तक आयुष चिकित्सा को पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर आयुष चिकित्सालय खोले जा रहे हैं। यहां पर आयुर्वेद के साथ पांच तरह की चिकित्सा पद्धति से उपचार किया जाएगा। आयुर्वेद और अन्य चिकित्सा पद्धतियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए गांवों में आयुष चिकित्सालय स्थापित कर वहां पर सेवाएं दी जाएगी।
क्या है आयुष
आयुष अंग्रेजी के अक्षर एवाईयूएसएच की फुलफार्म के अनुसार आयुर्वेद, योगा, यूनानी, सिद्धा एवं होम्योपैथी है। इस विभाग से सभी स्वास्थ्य प्रणालियों का संवर्धन एवं विकास तथा उक्त चिकित्सा प्रणालियों के माध्यम से आम लोगों को स्वास्थ्य सवाएं प्रदान करना है। इसमें रोगी को उसके मर्ज की आवश्यकता के अनुरूप चिकित्सा मिल सकेगी। यह स्वास्थ्य के लिए किसी तरह का साइड इफैक्ट पैदा नहीं करेगी और स्वस्थ व्यक्ति को और स्वस्थ भी बनाएगी।
बाड़मेर में इन ब्लॉक में आयुष चिकित्सालय
जिले में 6 ब्लॉक में आयुष चिकित्सालय की सुविधा आमजन के लिए उपलब्ध होगी। बाड़मेर के गिड़ा, धनाऊ, गडरारोड़, कल्याणपुरा, रामसर व सेड़वा में आयुष चिकित्सा की व्यवस्था अस्थायी रूप से उपलब्ध करवाए गए भवनों में मिलेगी।
राष्ट्रीय आयुर्वेद मिशन से मिलेगी दवाइयां
चिकित्सालयों को राष्ट्रीय आयुर्वेद मिशन के औषधि बजट के तहत दवाइयां मिलेगी। अस्पताल में आयुर्वेद, यूनानी और होम्यापैथी की दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएगी। यहां पर होम्यापैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों के नर्स व कंपाउंडर की भर्ती नियमित रूप से किए जाने के लिए प्रस्ताव भेजने होंगे। वहीं परिचारिका के पद के लिए संविदा से भरे जाने है।
कोविड के बाद अन्य चिकित्सा पद्धतियों पर फोकस
कोरोना महामारी में आयुर्वेद के साथ देसी चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कोविड में महामारी के दौरान इम्यूनिटी बढ़ाने में सबसे अधिक आयुर्वेद दवाइयां कारगर साबित हुई थी। काढ़ा से कोरोना से बचाव व च्यवनप्राश और अन्य आयुर्वेद दवाइयों से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के बड़ी संख्या में लोगों ने इन्हें अपनाया है। अब धीरे-धीरे यह पद्धतियां आमलोगों के जीवन का हिस्सा बनने लगी है।
प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश
आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग के उप शासन सचिव ने कुल 58 स्थानों पर अस्पताल शुरू करने के साथ वांछित पदों के लिए प्रस्ताव भेजने के लिए आयुर्वेद, यूनानी/होम्योपैथी विभागों के निदेशकों को निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में कहां कितने आयुष चिकित्सालय
अजमेर 03
अलवर 07
बारां 01
बाड़मेर 06
भरतपुर 01
भीलवाड़ा 04
चूरू 01
डूंगरपुर 02
धौलपुर 01
गंगानगर 02
जयपुर-ए 03
जालोर 01
झालावाड़ 01
झुंझुनूं 04
जोधपुर 03
करौली 03
कोटा 01
नागौर 02
पाली 02
प्रतापगढ़ 01
सीकर 06
टोंक 02
उदयपुर 01
आयुष चिकित्सा अब पहुंचेंगी गांव-गांव, परम्परागत चिकित्सा पद्धतियों से होगा इलाज
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