Video : Calculation of wildlife : वन विभाग के कर्मिको ने मचान बनाकर वाटर हॉल पद्धति से गणना की

Moola Ram Choudhary | Updated: 19 May 2019, 10:43:07 PM (IST) Barmer, Barmer, Rajasthan, India

वन्यजीवों की गणना

वन और वन्यजीवों का सरंक्षक जहाँ हर किसी का कर्तव्य होता है वही वन विभाग हर साल वन्यजीवों की गणना कर उसके आँकड़े सभी के सामने रखता है। हर साल की तरह इस बार भी 24 घण्टे तक बाड़मेर में सैकड़ों कर्मिकों ने वन्यजीवों की गणना की। 50 के करीब जगहों पर वन विभाग के कर्मिक मुस्तेद नजर आए।

पेश है एक रिपोर्ट....

बाड़मेर. पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में वन विभाग द्वारा संपूर्ण जिले में वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्रों में स्थित वाटर हॉल्स पर वाटर हॉल संख्या आकंलन पद्धति से वन्यजीवों की संख्या का आंकलन किया गया। 24 घण्टे चले इस गणना में जिले भर में तकरीबन 50 जगहों पर वन विभाग के 113 कर्मिको ने वन्य जीवों की गणना की।

यह गणना रविवार सुबह 8 बजे तक जारी रही। बाड़मेर के सहायक वन सरंक्षक उदाराम सियोल ने बताया कि जिले भर में 50 के करीब जगहों पर यह गणना की गई । जिले में सहायक वन सरंक्षक समेत कई अधिकारी पूरी गणना के दौरान प्रभावी मोनेटरिंग के साथ साथ कई जगहों पर गणना का निरक्षण करते नजर आए।

वन विभाग के कर्मिको ने कई जगहों पर मचान बनाकर वाटर हॉल पद्ति से गणना की । गणना में जिले भर के 8 क्षेत्रीय वन अधिकारी और 2 सहायक वन सरंक्षक पूरे दिन सुपरविजन में रहे। गणना मे तालाब, पोखर, नाड़ी, खेली, एनीकेट और सार्वजनिक पशु पेयजल स्रोतों पर गणना जारी रही।

24 घण्टे की गणना के बाद अब इसकी सालाना रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसे सरकार के सामने रखा जाएगा। यह सालाना रिपोर्ट तय करेगी की सरहदी बाड़मेर में वन्य जीवों की क्या स्थिति है।

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