संसद में बोले सांसद चौधरी, बाड़मेर -जैसलमेर के लिए की यह बड़ी मांग

संसद में बोले सांसद चौधरी, बाड़मेर -जैसलमेर के लिए की यह बड़ी मांग

Mahendra Trivedi | Publish: Mar, 14 2018 11:02:09 AM (IST) Barmer, Rajasthan, India

-संसद में बाड़मेर-सांसद ने उठाया मुद्दा, बोले-दोनों जिलों में सभी सुविधाएं उपलब्ध

बाड़मेर-जैसलमेर में खोले जाएं सीमेंट के कारखाने

बाड़मेर.सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ने लोकसभा में सीमावर्ती बाड़मेर- जैसलमेर जिलों में सीमेंट के कारखाने खोले जाने की मांग की है। सांसद ने कहा कि बाड़मेर-जैसलमेर भौगोलिक विषमताओं के कारण आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक एवं शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। यहां रोजगार के अभाव में स्थानीय लोग उत्तर-दक्षिणी के औद्योगिकनगरों व महानगरों की ओर पलायन करते हंै। सीमावर्ती जिला जैसलमेर देश में शून्य उद्योग वाले जिलों में है। उन्होंने बताया कि अब यहां के हालात बदल गए हैं। यहां लिग्नाइट, ग्रेनाइट, जिप्सम, मार्बल, स्टीलग्रेड लाइम, बैन्टोनाइट लाइम स्टोन एवं मैसेनरी स्टोन के अपार भंडार मिले हैं। क्षेत्र में इंदिरा गांधी व नर्मदा नहर आधारित परियोजनाओं से पानी भी उपलब्ध हो गया है।
पावर प्रोजेक्ट की राख जा रही बाहर

सांसद ने बताया कि वर्तमान में बाड़मेर के भादरेस में 1080 मेगावाट के लिग्नाइट पावर प्रोजेक्ट से उपयोगी राख और जैसलमेर में सोनू लाइम स्टोन का भरपूर भंडार होने के बावजूद भी दोनों जिलों में सीमेंट कारखाने स्थापित नहीं हो पा रहे हैं। उन्होनें कहा कि सीमेंट के लिए राख एवं लाइम स्टोन दोनों ही यहां से सिरोही, जोधपुर , ब्यावर, चितौड़ एवं अन्यत्र भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह ताज्जुब की बात है कि प्रतिदिन 3500 टन राख बाड़मेर से अन्य जिलों को मुफ्त ही दी जा रही है। वर्तमान में 1080 मेगावाट लिग्नाइट पावर प्लांट इकाइयां भादेरस में संचालित है। जबकि 660 मेगावाट की इकाइयां प्रस्तावित है।

दोनों जिलों में उद्योगों की अपार संभवनाएं

सांसद चौधरी ने बताया कि जैसलमेर के सोनू से प्रतिदिन 20 हजार मैट्रिक टन लाइम स्टोन का निर्यात किया जा रहा है। यहां पर्याप्त जल व भूमि भी उपलब्ध है। बाड़मेर व जैसलमेर दोनों ही रेलवे लाइन से भी जुड़़े हुए हैं। जैसलमेर-भाभर रेलवे लाइन का कार्य भी शीघ्र आरंभ होने वाला है। यहां उद्योग के लिए आवश्यक सभी साधन उपलब्ध है। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से आग्रह किया है कि प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक सम्पदा, संसाधन, मानव संसाधन, परिवहन साधन व भूमि आदि की उपलब्धता एवं संभावनाओं को देखते हुए बाड़मेर या जैसलमेर में किसी एक स्थान पर सीमेंट कारखाने खोले जाएं। उन्होंने कहा कि यहां उपलब्ध खनिजों पर आधारित अन्य उपयुक्त उद्योगों को विकसित करने के लिए विशेषज्ञ दल से अध्ययन करवाया जाए ताकि अन्य उद्योगों की संभावना बन सके।

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