मुख्यमंत्री ने फिर कहा- काला टीका जरूरी, क्यूं पढि़ये पूरा समाचार

मुख्यमंत्री ने फिर कहा- काला टीका जरूरी, क्यूं पढि़ये पूरा समाचार

Dilip dave | Publish: Sep, 02 2018 06:12:52 PM (IST) Barmer, Rajasthan, India

झलकियां

बाड़मेर. मुख्यमंत्री की शनिवार को बाड़मेर के आदर्श स्टेडियम में हुई आमसभा में जहां भीड़ रही, वहीं कुछ युवाओं ने काले झण्डे दिखाए। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी की, एेसे काला टीका जरूरी है। भाषण के कुछ अंश-

बड़ी मालाआें की होड़- मुख्यमंत्री वसुंधराराजे को बड़ी माला पहनाने की मंच पर होड़ मच गई। भाजपा के विभिन्न मोर्चों, मण्डलों ने 51 किलों की माला बनाई जो एक के बाद एक कर पहनाने की होड़ मच गई। गुड़ामालानी में भी 51 किलोग्राम की माला पहनाई गई।
केसरियां साफा पहन पहुंची बालिकाएं- तीनों सभाओं में स्कूली बालिकाएं केसरिया साफा पहनकर पहुंची। ये आकर्षण में रही। मुख्यमंत्री ने भी इनके पास पहुंचकर उत्साह के साथ हाथ मिलाया।

फिर कहा काला टीका जरूरी- सभा के दौरान एक बार फिर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए गए। जो युवक काले झण्डे दिखा रहे थे, इन्हें पूर्व में पंचायतराज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ व पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल ने दो बार समझाया, तब वे चुप रहे। जैसे ही मुख्यमंत्री आई वे काला झण्डा दिखाने लगे। इस पर वसुंधराराजे ने कहा कि मैं सोच रही थी कि आज काल टीका क्यूं नहीं लगा। अब यह कार्य पूरा हो गया। राजे ने इसे कांग्रेस की साजिश बताया।
मुख्यमंत्री ने बजाई तालियां- जब मंच से घोषणा हुई कि मेघवाल समाज के पांच सौ लोगों ने कैलाश वर्मा के सान्निध्य में कांग्रेस छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है तो मुख्यमंत्री ने तालियां बजा कर अभिनंदन किया।

बाड़मेर में इन्होंने रखे विचार- मुख्यमंत्री के आने से सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी, यूआईटी चेयरपर्सन डा. प्रियंका चौधरी, दिलीप पालीवाल, महावीरसिंह चूली, किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री सैलाराम सारण, ऊर्दू अकादमी चेयरमैन अशरफअली, श्याम चौबीसा, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.जालमसिंह रावलोत,कानसिंह राजपुरोहित ने संबोधित किया।

देरी से आई मुख्यमंत्री- निर्धारित कार्यक्रम से करीब सवा दो घंटे देरी से मुख्यमंत्री बाड़मेर पहुंची। इसके बाद करीब बीस मिनट तक उनका स्वागत-सत्कार चलता रहा। उन्होंने करीब पौन घंटे तक भाषण दिया।
शहीदों के परिजन का नौकरी की घोषणा- वसुंधराराजे ने घोषणा की कि 1947 के बाद जो भी सैनिक शहीद हुए हैं, उनके एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन शहीदों ने अपनी जिंदगी देश के नाम कुर्बान की है्र, उनके परिजनों का सरकार नौकरी देकर ख्याल रखेगी। साथ ही सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत

आरक्षण की बात भी कही। उन्होंने मानव शृंखला की भी प्रशंसा की।

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