शहर की सरकार बदल गई है, काम का ढर्रा सुधार लो, नहीं तो होना पड़ेगा सस्पेंड!

- सभापति ने बैठक में दिए स्पष्ट निर्देश, पुराना ढर्रा नहीं चलेगा,जमादार व नगर परिषद कार्मिक व अधिकारी हुए शामिल

 

By: भवानी सिंह

Published: 03 Dec 2019, 12:21 PM IST

बाड़मेर. शहर की सरकार के नवगठित बोर्ड से अब शहर के बदहाल ढर्रे में सुधरने की उम्मीद जगी है। सभापति-उपसभापति की अफसरों-जमादारों के साथ सोमवार को हुई पहली बैठक में शहर की व्यवस्थाओं के सुधार के लिए सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हंै। साथ ही कड़े शब्दों में कहा कि शहर की बदहाल सूरत नहीं बदली गई तो सस्पेंड होकर जयपुर जाने के लिए तैयार रहे। सभापति ने कहा कि शहर में यह संदेश जाना चाहिए कि शहर की सरकार बदल चुकी है, अब विकास कार्यों की गंगा बहेगी। साथ ही बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा के साथ कई अहम निर्णय लिए गए। निर्णयों की पालना करवाने के लिए आयुक्त जिम्मेदार होंगे। बैठक में विधायक मेवाराम जैन, सभापति दिलीप माली, उप सभापति सुरतानसिंह रेडाणा मौजूद रहे।
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गत बोर्ड रहा विवादित
नगर परिषद का गत कांग्रेस बोर्ड विवादित रहा था। यहां फर्जी पट्टा प्रकरण का मामला उजागार होने के बाद आयुक्त की कुर्सी कांटों का ताज बनी रही। वहीं इसके अलावा सभापति के रवैये के चलते पट्टों की पत्रावलियों धूल फांकती रही और शहरवासी चक्कर लगाते रहे।

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बैठक में लिए गए निर्णय
स्वच्छता : जमादारों के साथ सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि शहर की सूरत 15 दिन में सुधारनी होगी। संसाधन की कोई कमी नहीं रहेगी। जितनी जरूरत है उसके अनुसार मंगवा सकते हैं। कर्मचारी छुट्टी पर नहीं रहें। काम में सुधार चाहिए क्योंकि अब बोर्ड बदल चुका है। 15 दिन में अगर सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संस्पेंड कर मुख्यालय जयपुर किया जाएगा।
निर्माण की अनुमति : नगर परिषद क्षेत्र में मकान निर्माण के लिए इजाजत दी जाए। इसके लिए किसी भी शहरवासी को चक्कर काटना नहीं पड़े। साथ ही बिना इजाजत लिए कोई भी निर्माण नहीं होना चाहिए। इसकी मॉनिटरिंग आयुक्त खुद करेेंगे। वह इसकी रिपोर्ट सभापति को देंगे।
रोडलाइट की व्यवस्था : शहर में रात में कहीं भी अंधेरा नजर नहीं होना चाहिए। रोडलाइटों को लेकर अधिशाषी अभियंता के साथ विद्युत प्रभारी निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की रिपोर्ट तैयार कर लें। उसके बाद जहां पर रोडलाइट नहीं हैं, वहां पर नई लाइट लगाई जाए।खराब होने पर बदलने की कार्रवाई करें।
पट्टा पत्रावलियां : नगर परिषद की भूमि शाखा में जमा पट्टा पत्रावलियां की सूची तैयार कर उसे व्यवस्थित की जाए। उसके बाद जोनल प्लान तैयार करें। साथ ही किसी विषेशज्ञ की रॉय लेकर सरकार को पत्र लिखा जाए। सभी तैयारियां पूर्ण कर जल्द से जल्द पट्टा जारी करने की कार्यवाही शुरू करें।
अतिक्रमण हटाने का प्लान: अतिक्रमण को लेकर आयुक्त खुद शहर का निरीक्षण कर राजस्व अधिकारी के साथ प्लान तैयार करें। उसके बाद सभी अतिक्रमियों को नोटिस जारी कर पुलिस की मदद से सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। ध्यान रहें कि सरकारी जमीन पर कहीं भी अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।
शहर का विकास : शहर के विकास कार्यो को लेकर अधिशाषी अंभियता विकास का प्लान तैयार करें। साथ ही विकास शाखा में कार्यो की सूची लेकर गुणवत्ता की जांच की जाए। उसके बाद शहर में जहां पर जरूरत है, वहां प्राथमिकता दी जाए। सबसे पहले नाली व सड़क निर्माण कर राहत दिलाएं।
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व्यवहार में करें सुधार
सभापति दिलीप माली ने कहा कि सभी जमादार व नगर परिषद के अफसर-कार्मिक निर्वाचित पार्षदों की बात सुनें। फोन कॉल रिसीव करें। साथ ही उन्हें संतोषजनक जबाव देंगे। सभी अपना पुराना ढर्रा बदलने के साथ उसमें सुधार करें।
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भवानी सिंह Reporting
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