कोरोना जागरूकता रथों की रवानगी, कला जत्थे लोकशैली में करेंगे प्रचार-प्रसार

-जिला कलक्टर ने हरी झंडी दिखाई
-सीमावर्ती गांवों में जाएंगे जागरूकता रथ

By: Mahendra Trivedi

Updated: 14 Oct 2021, 08:51 PM IST

बाड़मेर। श्योर संस्थान की ओर से चलाए जा रहे कोरोना जागरूकता के तहत गुरुवर को को सीमावर्ती चौहटन, सेड़वा और रामसर के लिए कोरोना जागरूकता रथों को रवाना किया गया। इस अवसर पर जिला कलक्टर लोकबंधु यादव ने कहा कि बीते दो सालों के दौरान पूरी दुनिया ने कोरोना रूपी एक बहुत बड़े संकट का सामना किया है। हालांकि लगातार बढ़ते टीकाकरण के साथ अब भी कोरोना को लेकर सजग रहना होगा। साथ ही टीककारण भी जरूर करवाना होगा। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनु ने कहा कि स्थानीय बोली और लोकशैली में प्रचार प्रसार निश्चित तौर पर एक अच्छी पहल है।
लोक कलाकारों की ली जा रही है मदद
उल्लेखनीय है कि युनिसेफ भारत के सहयोग से श्योर द्वारा गांव-ढाणी तक स्थानीय लोक कलाकारों की मदद से स्थानीय बोली और लोकशैली के जरिए कोरोना जागरूकता की पहल शुरू गई है। कला जत्था प्रशिक्षण के बाद उन्हें रथों से रवाना किया गया है। श्योर की संयुक्त सचिव लता कच्छवाह ने बताया कि युनिसेफ के सहयोग से बाड़मेर के साथ ही जैसलमेर, सिरोही और डूंगरपुर के 10 ब्लाकों में स्थानीय बोली और लोकशैली के जरिए कोरोना जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस दौरान सवाईखान एण्ड पार्टी को सेड़वा, खेताखान एण्ड पार्टी को चौहटन और गुलामखान कला जत्थे को रामसर के लिए रवाना किया गया।

Mahendra Trivedi
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