72 घंटे में देनी होगी फसल खराबे की सूचना

बाड़मेर जिले में 5 मार्च को हुई आकस्मिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से रबी फसलों में नुकसान हुआ है तो इसकी सूचना 72 घंटे में एग्रीकल्चर इंश्योरेन्स कंपनी के टोल फ्री नंबर पर देनी होगी।

By: Mahendra Trivedi

Updated: 07 Mar 2020, 05:49 PM IST

बाड़मेर. बाड़मेर जिले में 5 मार्च को हुई आकस्मिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से रबी फसलों में नुकसान हुआ है तो इसकी सूचना 72 घंटे में एग्रीकल्चर इंश्योरेन्स कंपनी के टोल फ्री नंबर पर देनी होगी।

कृषि विभाग के उप निदेशक किशोरीलाल वर्मा ने बताया कि जिले में आकस्मिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से रबी की फसलों जीरा, इसबगोल, गेेहूं, राया आदि में कोई नुकसान हुआ हो अथवा आगे की वर्षा से नुकसान हो तो इसकी सूचना 72 घंटे की अवधि में एग्रीकल्चर इंश्योरेन्स कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800116515 पर दें।

इसके अलावा इसकी सूचना प्रत्येक तहसील में सहायक कृषि अधिकारी के कार्यालय एवं जिला मुख्यालय पर कृषि विभाग के कार्यालय में कंपनी के अधिकारी अथवा कार्मिक को लिखित में आवश्यक रूप से दें।

समदड़ी. क्षेत्र में गुरुवार शाम हुई बेमौसम बरसात से रबी की फसलों को नुकसान हुआ है । शाम से शुरू हुई वर्षा रात 10 बजे तक रुक रुक कर जारी रही। वर्षाके साथ तूफानी हवाओं पर खेतों में खड़ी जीरा, गेंहू, इसबगोल आदि फसलों को नुकसान हुआ। सर्वाधिक नुकसान इसबगोल , जीरा में हुआ।

किसानों के अनुसार बरसात होने से जीरे का आकार व रंग दोनों प्रभावित होगा । इसबगोल से पके हुए दाने बरसात से नीचे गिर कर जमीदोंज हो गए । इससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ। तेज अंधड़ से गेंहू की फसल भी जमीन पर गिरने से उत्पादन प्रभावित होगा ।

सिवाना. सिवाना व क्षेत्र में गुरुवार शाम आंधी के साथ हुईवर्षासे किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। खड़ी फसलों में बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। बेमौसम तूफानी बारिश पर क्षेत्र के गांवों में खड़ी जीरा, इसबगोल व गेंहू की फसल धराशाही हो गई।

इससे किसानों की मेहनत व अरमानों पर पानी फिर गया। क्षेत्र में करीब 9 हजार हैक्टयर में जीरा, इसबगोल व गेंहू फसल की बुवाई की गईहै।

फसलों में बड़े नुकसान पर किसानों के सामने सहकारी समितियों से लिए ऋण को चुकाना मुश्किल हो गया है। सिवाना देवन्दी, कुसीप, मेली, खाखरलाई, गुड़ा गोलिया, मवड़ी, नाल, सिणेर, धारणा, देवपुरा, चुली, मिठौड़ा, पादरू, पंऊ, कांखी आदि गांवों में फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है।

दस बीघा में जीरा, इसबगोल की बुवाई की थी। बेमौसम वर्षासे जीरा फसल नष्ट हो गई। विद्युत बिल भुगतान सहित बुवाई के लिए उधार रुपए चुकाना मुश्किल हो गया है। - मंगलाराम माली, धारणा किसान

14 बीघा में जीरा ,इसबगोल की बुवाई की थी। वर्षासे फसल नष्ट हो गई। आर्थिक सकंट पैदा हो गया है। सरकार सर्वे करवाकर मुआवजा दें।

- बुद्धसिंह, किसान देवपुरा

बेमौसम बारिश से गेंहू, रायड़ा की फसल जमीन पर औधें मुंह गिरकर खराब हो गई है। सरकार सर्वे करवाकर किसानों को मुआवजा दें। इससे उन्हें सराहा मिले।

- पुराराम चौधरी, किसान मेली

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