सफी खां की स्मृति में सांस्कृतिक संध्या

झांफली कला ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सोमवार रात्रि को सफी खां की स्मृति में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ

By: Moola Ram

Published: 16 May 2018, 11:24 AM IST

शिव . झांफली कला ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सोमवार रात्रि को सफी खां की स्मृति में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाड़मेर-जैसलमेर जिले के लोक कलाकारों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सफी खां की प्रतिमा के आगे दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण के साथ हुई।जमीम खां एंड पार्टी ने केसरिया बालम आओ नी पधारो नी म्हारे देश स्वागत गीत से सांस्कृतिक संध्या का आगाज किया। लतीफ खां ने मोरचंग पर प्रस्तुति दी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार गफूर खां, बाल कलाकार स्वरूप खां, लूणाखां ने मनमोहक प्रस्तुतियां दी। मंजूर खां व निहाल खां ने ढोलक तथा फिरोज खां व दिलावर खां ने खड़ताल, लतीफ खां ने मोरचंग के साथ जुगलबंदी की, जिसको सुनकर दर्शक झूमने को मजबूर हो गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपखंड अधिकारी चंद्रभानसिंह भाटी ने कहा कि कलाकार हमारी लोक संस्कृति एवं परंपरागत रीति-रिवाजों को बचाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। लोक कलाकारों ने अपने लोकगीत एवं वाद्य यंत्रों के माध्यम से विदेशों में धूम मचाई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिला उपाध्यक्ष खंगारसिंह सोढा ने कहा कि मैरासी समाज सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने में महत्ती भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि तहसीलदार शैतानसिंह राजपुरोहित ने कहा कि लोकगीतों में बहुत ही मार्मिक व प्रेरणादायक रहस्य छिपा हुआ है,जो की हमारी पुरानी संस्कृति को संजोए हुए हैं। विशिष्ट अतिथि प्रधानाचार्य अमरदान चारण ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में गूंगा के पूर्व सरपंच मुरारदान, डॉ.कुंदनदान चारण, करणीदान, रमजानखां, जुसूफ खां, अनवर खां, खेते खां सहित बाड़मेर-जैसलमेर के लोक कलाकारों ने भी भाग लिया।

Moola Ram
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