कभी खेलती थी राज्य स्तर पर हैंडबॉल, आज गोबर थापने को मजबूर। एक नहीं एेसी 50 बच्चियों की दास्तां जो जाना तो चाहती है स्कूल, लेकिन कोई विकल्प नहीं।

- बेटियों की पुकार, दसवीं के आगे स्कूल खुलवा दो, आटी ग्राम पंचायत में 50 बालिकाओं ने स्कूल छोड़ा, प्रतिवर्ष बढ़ रहा आंकड़ा

 

By: भवानी सिंह

Published: 18 Aug 2017, 11:50 AM IST

50 बच्चियां पाटी से दूर, अच्छी पढ़ाई का सपना चूर

बाड़मेर। चुकी, नोजी, सुशिया...तो बानगी भर है, 'बेटी पढ़ाओ' के नारे के शोर में बाड़मेर जिला मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर आटी गांव में करीब 50 बालिकाओं का बेबसी भरा स्वर 'हमें पढ़ाओ' जिम्मेदारों को सुनाई भी नहीं दे रहा। राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता से लेकर पढ़ाई में होनहार ये बालिकाओं दसवीं के बाद अब खेतीबाड़ी व घरेलू कार्य में सिमटी हैं। कारण कि गांव में इसके बाद अध्ययन की सुविधा नहीं। वहीं, जिम्मेदारों ने अभिभावकों से समझाइश का प्रयास भी नहीं किया। ऐसे में प्रतिवर्ष स्कूल छोडऩे वाली बच्चियों की संख्या बढ़ रही है। गांव से करीब 10 किलोमीटर दूर उच्च माध्यमिक विद्यालय है।

 


आर्थिक तंगी भी बाधा

ग्रामीणों के अनुसार गांव के साधन-सम्पन्न लोग तो लड़कियों को पढ़ाने के लिए शहर के स्कूल या हॉस्टल में भेज देते हैं लेकिन जरुरतमंद यह नहीं कर पा रहा। अभिभावक आर्थिक तंगी के चलते चाहकर भी बेटियों को आगे अध्ययन के लिए नहीं भिजवा पा रहे हैं।

 


हारी प्रतिभाएं

आटी के विद्यालय में पढऩे वाली कई बेटिया राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हंै। कई १०वीं कक्षा में प्रथम व द्वितीय श्रेणी अंंक लेकर आईं लेकिन अब सिवाय बेबसी के कुछ नहीं।

 

केस-एक

हाल ही में कक्षा १० के जारी परिणाम में सुशिया ने ५५ प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सुशिया हैंडबॉल में राज्य स्तर पर खेल चुकी है। अब गांव में स्कूल नहीं होने से अभिभावकों ने आगे पढ़ाने से इंकार कर दिया।

केस-दो
चुकी व नोजी ने १०वीं में क्रमश: ५९ व 57 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। अभिभावक कहते हैं कि इन्हें पढ़ाने की इच्छा तो है लेकिन दूरी उन्हें मजबूर कर रही है। बच्चियों को अकेला कैसे भेजें।

 


कई बार प्रस्ताव बनाकर भेजे

आटी में विद्यालय क्रमोन्नत नहीं होने से कई बेटिया स्कूल छोड़ रही है। क्रमोन्नत की मांग को लेकर जिला कलक्टर, सांसद, विधायक को अवगत करवाया लेकिन समाधान नहीं हुआ।- रणजीत मेघवाल, सरपंच आटी

भवानी सिंह Reporting
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