बाड़मेर. बाड़मेर ग्रामीण पंचायत समिति सभागार में आईटीसी मिशन सुनहरा कल, राजस्थान सरकार और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी की ओर से एक दिवसीय संयुक्त क्षमतावद्र्धन कार्यक्रम प्रधान जेठीदेवी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। विकास अधिकारी सुखराम विश्नोई ने बताया कि प्रत्येक राजस्व ग्राम में चरागाह विकास समिति गठन किया जाना है। चरागाह विकास मनरेगा के अंतर्गत किए जाने के बारे में उन्होंने जानकारी दी। कार्यशाला के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ तकनीकी सहायक एवं सरपंच को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला में प्रधान जेठी देवी ने कहा कि बंजर भूमि, चरागाह विकास सहित शामलात से जुड़े सभी मुद्दों पर अपनी भूमिका से दो कदम आगे बढक़र काम करें। शामलात के संसाधनों का संरक्षण और संवर्धन के लिए पंचायत समिति सदा तत्पर है। प्रधान ने सरपंचों को बंजर भूमि एवं चरागाह कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने संबंधी बात कही।

प्रशिक्षण के दौरान क्षमतावर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत संभागियों को ग्राम पंचायत स्तर पर कमेटियों के सदस्यों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान एफईएस जिला समन्वयक हाकमसिंह राठौड़ ने शामलात भूमि के महत्व, उपयोग, शामलात संसाधनों की सुरक्षा, प्रबंधन की जानकारी प्रदान की उन्होंने बताया कि गांव स्तर पर वार्ड पंच की अध्यक्षता में चरागाह विकास समिति का गठन किया जाना है जिसके माध्यम से चरागाह विकास कार्य करवाए जा सकते हैं।

चरागाह का विकास के अंतर्गत खाई खुदाई, पौधरोपण,नाडी एवं टांका निर्माण, घास-चारा लगाने का कार्य कराया जा सकता है। जिला प्रशिक्षक समन्वयक दिनेश कुमार ने मोबाइल एप्लीकेशन व फॉर्मेंट के बारे में बताते हुए कहा कि हम समय-समय पर ऑनलाइन जुडक़र के इस कार्यक्रम को सफल बना सकते हैं।

ग्राम विकास अधिकारी, उपप्रधान, सरपंच, सहायक विकास अधिकारी, कनिष्ठ तकनीकी सहायक, पंचायत समिति सदस्य उपस्थित रहे।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned