बॉर्डर के अंतिम गांव में पेयजल संकट

- ग्रामीण पहुंचे जिला कलक्टर के पास, लगाई गुहार

By: Moola Ram

Published: 10 Jan 2019, 05:05 PM IST

गडरारोड़. भारत-पाक बॉर्डर पर देश के अंतिम गांव अकली के बाशिंदे पेयजल को तरस रहे हैं। कनिष्ठ अभियंता, तहसीलदार, विकास अधिकारी को कई बार अवगत करवाने पर भी कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीण गुरुवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और कलक्टर को पीड़ा बताई।

ग्रामीणों ने बताया कि इस बार बारिश नहीं होने से पारंपरिक जल स्रोत सूख गए हैं। इतने दिन तक तो गांव की बेरियों में पानी था, जिससे काम चल गया, लेकिन अब वे भी सूख चुकी हैं, जिसके चलते गांव में पानी की किल्लत हो गई है। गांव में पानी का स्रोत नहीं होने पर टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ता है।

महंगे दाम होने पर हर परिवार पानी खरीद कर प्यास नहीं बुझा सकता। उन्होंने गडरारोड से पाइप लाइन बिछा पेयजल आपूर्ति की मांग की।

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डोर टू डोर सर्वे कर प्रेषित करें रिपोर्ट

गिड़ा. तहसील कार्यालय में तहसीलदार राकेश जैन ने सुपरवाइजर और बीएलओ की निर्वाचन संबंधी बैठक ली और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के बारे में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस विशेष कार्यक्रम में 1 जनवरी 2019 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले मतदाताओं का नाम जोड़ा जाए।

प्रत्येक बीएलओ डोर टू डोर सर्वे कर सुपरवाइजर के माध्यम से साप्ताहिक प्रगति प्रेषित करें। 13 और 20 जनवरी को विशेष दिवस मनाते हुए अपने बूथ पर मौजूद रह निर्वाचन संबंधी कार्य करें।

 

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