उद्यमी इ-वे बिल आवश्यक रूप से जारी करें

नगर में इंट्रा स्टेट इ-वे बिल लेकर कार्यशाला आयोजित

By: Dilip dave

Published: 07 Jun 2018, 08:26 PM IST

 

-
बालोतरा.

प्रदेश में कीमत व कर सहित 50 हजार से अधिक माल भेजने पर इ-वे बिल जारी करना जरूरी है। वस्तु एवं कर विभाग उपनिदेशक एच. आर लौहार ने गुरुवार को नगर के लघु उद्योग भवन मण्डल में लघु उद्योग मण्डल समिति की ओर से इंट्रा स्टेट इ-वे बिल विषय को लेकर आयोजित कार्यशाला में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि इ-वे बिल का अर्थ इलेक्ट्रोनिक बिल है। केन्द्र सरकार ने देश में इसे अनिवार्य किया है। प्रदेश व प्रदेश के बाहर व्यापार करने पर इ-वे बिल जमा करवाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इ-वे बिल बनाने की जिम्मेदारी पहले आपूर्तिकर्ता और इसके बाद खरीदकर्ता व ट्रांसपोट्र्स की है। कोई भी व्यापारी कोरियर एंजेसी, इ-कॉमर्स, ट्रांसपोर्ट कारोबारी को इ-वे बिल जारी करने के लिए अधिकृत कर सकता है। इसके दो भाग है, पहला ट्रांजिक्शन व दूसरा ट्रांसपोर्ट संबंधी जानकारी का है। वस्तु एवं सेवा विभाग सहायक निदेशक भरत शेखावत ने उद्यमियों को इ-वे बिल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षक डॉ. धर्मपाल विश्नोई ने वीडियो फिल्म प्रदर्शन के माध्यम से व्यापारियों को इ-वे बिल के बारे में जानकारी दी। उनके पूछे गए सवालों का जबाब दिए। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में लघु उद्योग मण्डल सचिव जसवंत गोगड़, उपाध्यक्ष के के टावरी, वस्तु एवं कर विभाग निरीक्षक प्रकाश टेलर उपस्थित थे। कार्यशाला में सीईटीपी के पूर्व अध्यक्ष रूपचंद सालेचा, शांतिलाल, गौतम चौपड़ा, रामेश्वर भूतड़ा, गौतम ओस्तवाल, कांतिलाल गोलेच्छा, सुरेश टावरी, मूलचंद, गौतम कांकरिया, सीए अशोक बंसल, जे के मंत्री, अभिषेक गुप्ता, संपत भण्डारी मौजूद थे। जसवंत गोगड़ ने आभार ज्ञापित किया।
क्या है इ-बिल योजना- केन्द्र सरकार ने कर योजना को लेकर संशोधन करते हुए इ-बिल योजना लागू की है, जिसमें ऑनलाइन बिल जारी होते हैं। पचास हजार से अधिक के लेन-देन पर बिल जारी करना जरूरी है। हालांकि पचास से कम राशि के लेन-देन पर इसे जारी करना जरूरी नहीं होता। एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच वस्तुओं के आदान-प्रदान में यह बिल जरूरी होता है।

 

Dilip dave Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned