पचास हजार किसानों को दो साल से नहीं मिला ऋण, अब तीसरे साल भी अधरझूल

- वर्ष 2018 के बाद बैंक ने मान लिए अवधिपार, अवधिपार ऋण खातों का मामला विधानसभा में गूंजा

By: भवानी सिंह

Published: 17 Mar 2021, 08:02 PM IST

बाड़मेर.
पूर्ववर्ती सरकार की कर्ज माफी योजना के बाद अवधिपार किसानों के लिए फसली ऋण आफत बना हुआ है। वर्ष 2018 में ऋण माफी का फायदा उठाने के बाद अवधिपार रह गए किसानों को लोन दो साल बीतने के बावजूद भी नहीं मिल पाया है। अवधिपार किसानों को ऋण दिलाने की मांग विधानसभा में भी उठी है।


दी बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अधीन संचालित ग्राम सेवा सहकारी समितियों के तहत सरकार की कर्जमाफी 2018 व 2019 में जीएसएस स्तर पर किसानों की कर्जमाफी के दौरान व्यवस्थापकों ने अवधिपार हुए खातों में मूलधन के साथ ब्याज राशि जोड़ दी। बैंक के पोर्टल पर आंकड़े अपलोड होने के बाद फिंगर प्रिंट करते ही कर्जमाफी हो गई। लेकिन मूलधन के साथ ब्याज जुडऩे वाले किसानों के बैंक खातों को अवधिपार मान लिया। बाड़मेर जिले के ऐसे 50 हजार किसानों को ऋण नहीं मिल रहा है, जबकि हर साल इन्हें करीब 100 करोड़ का खरीफ ऋण मिल रहा था।


2018 में 50 हजार व 2019 में दो लाख
पूर्ववर्वी भाजपा सरकार ने सबसे पहले कर्ज माफी योजना शुरू की थी। राज्य सरकार ने 2018 में बाड़मेर सहित प्रदेशभर के किसानों का खरीफ का पचास हजार रुपए तक का कर्ज माफ किया। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने चुनावी वादे को निभाते हुए किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ किया। दो कर्ज माफी में नब्बे फीसदी किसानों का शत फीसदी तक कर्ज माफ कर दिया। अधिकांश किसानों के खाते अवधिपार हो गए थे। कर्ज माफी में उनका पूरा कर्जा ही माफ हो गया।
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फैक्ट फाईल
- 1 लाख 70 हजार ऋणी किसान
- 284 ग्राम सहकारी समितियां है जिले में
- 50 हजार के करीब अवधिपार ऋणी
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- हजारों किसान वंचित रह गए
बाड़मेर जिले में हजारों किसान कर्ज माफी योजना के बाद अवधिपार हो गए। ऐसे किसानों को दो साल से ऋण मिला नहीं है। अब तीसरा साल है, लेकिन उन्हें ऋण नहीं दिया जा रहा है। विधानसभा में भी मामला उठा था, लेकिन समाधान नहीं हुआ है। - देवीसिंह भाटी, अध्यक्ष, जीएसएस, हरसाणी


- अवधिपार खातों का निर्णय सरकार स्तर पर
खरीफ ऋण में अवधिपार हुए खातों का निर्णय सरकार स्तर पर अटका है। अब नए वित्तीय वर्ष में खरीफ ऋण 1 अप्रेल से किसानों को वितरित किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही लक्ष्य निर्धारित होगा। - रामसुख, प्रबंध निदेशक, दी बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, बाड़मेर
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भवानी सिंह Reporting
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