क्षतिग्रस्त छत के नीचे 60 मासूमों का भविष्य, जिम्मेदार अंजान

पत्रिका एक्सपोज : - पीने की पानी के लिए मंगवाने पड़ते टै्रक्टर, नाम मात्र की लगी है टयूबवैल
- क्षतिग्रस्त शौचालय,नए का इंतजार

By: Mahendra Trivedi

Published: 03 Jan 2020, 02:10 PM IST

बाड़मेर. शहर के चौहटन रोड स्थित राजकीय अम्बेडकर छात्रावास द्वितीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में अध्ययनरत 60 विद्यार्थियों के सिर पर हरदम खतरा मंडरा रहा है। यहां भवन की छत व गैलेरी क्षतिग्रस्त होने के बावजूद भी इसमें विद्यार्थी अध्ययन करने को मजबूर है। ऐसे में जिम्मेदारों की अनदेखी से बड़ा हादसा हो सकता है।

4 कमरों की छत जर्जर

छात्रावास परिसर में बने 12 कमरों में 4 कमरों की छत जर्जर स्थिति में है। यहां लोहे के सरिए निकले होने के साथ बारिश में पानी भी टपकता रहता है। ऐसे में विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ गैलेरी क्षतिग्रस्त होने से भी खतरा मंडरा रहा है। छात्रावास में रंग रोगन का अभाव है।

दिखावे का ट्यूबवैल

छात्रावास में लगभग एक वर्ष पहले जलदाय विभाग की ओर से टयूबवैल खोदा गया था, जो कुछ समय चलने के बाद बंद है। ऐसे में छात्रावास में प्रतिदिन पानी का टैंकर मंगवाना पड़ता है। एक टैंकर के 400-500 रुपए देने पड़ते हैं।

क्षतिग्रस्त शौचालयों को मरम्मत का इंतजार

छात्रावास में कई शौचालय क्षतिग्रस्त हो गए है। ऐसे में इनका उपयोग करने में विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शौचालयों के बाहर बने वॉश बेसिन टूटे होने से हाथ धोने के लिए भी परेशानी है। ऐसे में शौचालयों को मरम्मत का इंतजार है।

मांग की गई है

छात्रावास में क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है। विभाग की ओर से बजट भी जारी हो गया है। जल्द से इसकी मरम्मत करवाई जाएगी।
भगवान बारूपाल, छात्रावास अधीक्षक

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