खाओगे, पीओगे और मोबाइल चलाओगे तो मोटे हो जाओगे

घर बैठे बच्चों को लगी मोबाइल की लत, वजन में बढ़ोतरी

- बाहर घूमना ना पढ़ाई, बढ़ रहा मोटापा

- बिगड़ती सेहद से परिजन भी परेशान

By: Dilip dave

Published: 10 Jun 2021, 12:26 AM IST

बाड़मेर. पढऩा-लिखना छोड़ सिर्फ मोबाइल चलाना छोटी उम्र के बच्चों पर भारी पड़ रह है। करीब सवा साल से स्कू  ल बंद है और पढ़ाई भी।

कोरोना के चलते घरों से बाहर जाना कम हो चुका है जिस पर टीवी और मोबाइल की लत लग चुकी है। इस लत ने बच्चों को मोटा बना दिया है। कम में तोंद बाहर निकल आई है तो हाथ-पैर की चमड़ी बढ़ गई है। एेसे में चलने-फिरने में बच्चों को आलस आ रहा है जो परिजन के लिए चिंता का कारण बन चुका है। शहर में काफी बच्चे पिछले सवा साल में मोटे हो चुके हैं।

पिछले साल २१ मार्च से जनता कफ्र्यू के साथ ही देश व्यापी लॉकडाउन लग गया। इस लॉकडाउन में सबसे पहले स्कू  ल, कॉलेज बंद हुए जिस पर बच्चों की पढ़ाई छूट गई। सरकार ने दसवीं, बारहवीं, स्नातक तृतीय वर्ष, स्नातकोत्तर फाइनल की परीक्षाओं को छोड़ शेष कक्षाओं को क्रमोन्नत किया। वहीं, सवा साल से पहली से पांचवीं की कक्षाएं तो शुरू ही नहीं हुई। 

उच्च कक्षाओं की पढ़ाई कुछ माह चली कि फिर से कोरोना की दूसरी लहर आ गई। इस पर शिक्षण कार्य बंद हो गया। स्थिति यह है कि पिछले सवा साल से बच्चे घरों में सिमट कर रह गए हैं। घरों में खेलकू  द के बजाय बच्चे मोबाइल चला रहे हैं या फिर टेलीविजन देख रहे हैं, जिसका असर उनकी सेहद पर पड़ रहा है।

वजन हो रहा दुगुना, आलस भी खूब- परिजन के अनुसार लम्बे समय से घर में रहने खाने-पीने, टीवी व मोबाइल देखने के अलावा कोई काम नहीं होने पर बच्चों को वजन बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि छोटी उम्र में ही बच्चों की तोंद बढ़ चुकी है। वहीं, बढ़ते वजन के कारण उनमें आलस आ चुका है और फुर्ती गायब हो रही है। यह स्थिति पांच से पन्द्रह साल के बच्चों में ज्यादा होने पर परिवारों की चिंता और बढ़ गई है।

खेलकू  द ना मौज मस्ती- पहले जहां स्कू  ल खुलने व बाहर जाने पर बच्चे पढ़ाई के साथ स्कू  ल में खेलकू  द करते थे तो घर के बाहर मौज मस्ती होती थी। क्रिकेट के साथ बच्चे परम्परागत खेल भी खेलते थे लेकिन अब एेसा नहीं हो रहा।

बढ़ता है मोटापा- शारीरिक श्रम के बिन मोटापा बढ़ जाता है। आजकल के बच्चे वैसे भी मोबाइल से चिपके रहते हैं, ऊपर से लॉकडाउन आ गया तो घर से बाहर निकलना भी बंद हो गया। एेसे में मोटापा बढ़ सकता है। परिजन बच्चों के साथ समय बिताएं और मोबाइल, टीवी से जितना हो सके उन्हें दूर रखें। घर में भी बच्चों को छोटे-मोटे खेल जरूर खेलाएं।- डॉ. हरीश चौहान, शिशुरोग विशेषज्ञ राजकीय अस्पताल बाड़मेर

Dilip dave Desk
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