कब टूटेगा श्रमिकों का लॉकडाउन, औद्योगिक इकाइयों में सन्नाटा

-संचालन की छूट तो मिली पर औद्योगिक इकाइयां अब भी बेपटरी
-श्रमिकों को पास मिले तो उद्योगों को मिले गति
-पास के अभाव में श्रमिक नहीं पहुंच रहे काम पर

By: Mahendra Trivedi

Published: 10 May 2020, 08:31 PM IST

महेन्द्र त्रिवेदी
बाड़मेर. लॉकडाउन में रियायत देते हुए कुछ दिनों पहले उद्योगों को शुरू करने की कवायद तो शुरू कर दी गई। लेकिन उद्योगों को मजदूर नहीं मिलने से अब तक अधिकांश इंडस्ट्री में मशीने बंद पड़ी है। पिछले डेढ़ महीने से औद्योगिक क्षेत्र के परिसर सूने ही दिख रहे हैं। उद्योगों को शुरू करने के लिए लेबर जरूरी है, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलने के चलते श्रमिक औद्योगिक इकाइयों में नहीं आ रहे हैं। इसलिए शुरू होने के बावजूद उद्योगों में काम ठप पड़ा है।
सरकारों ने उद्योगों को फिर से शुरू करने के लिए छूट तो दे दी, लेकिन आवश्यक सुविधाएं आज तक नहीं मिली हे। इसमें सबसे जरूरी है श्रमिकों के लिए पास। इसके अभाव में स्थानीय श्रमिक उद्योग में काम करने को तैयार नहीं हैं। बाड़मेर के कई उद्योगों में महिलाएं काम करती है। आसपास के गांवों की होने के कारण वे आना-जाना करती है, लेकिन पास की सुविधा नहीं मिलने से औद्योगिक इकाइयां शुरू होने के बावजूद नहंी पहुंच पा रही है। बाड़मेर के रीको औद्योगिक क्षेत्र मेंं संचालित इकाइयों में अधिकांश में स्थानीय श्रमिक ही काम करते हैं। श्रमिक काम करना चाहते हैं और इकाइयों के मालिक उत्पादन शुरू करना। लेकिन पास के अभाव में श्रमिकों के नहीं आने के करण उत्पादन ठप है।
ग्वार-गम फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप
बाड़मेर में ग्वार-गम की इकाइयों में लेबर के अभाव में उत्पादन बंद है। मालिकों का कहना है कि लेबर तो स्थानीय है लेकिन पास नहीं मिलने से आने-जाने में लॉकडाउन के चलते भयभीत हैं। इसके कारण इकाइयों का संचालन पूरी तरह से ठप है। गत 23 अप्रेल से यूनिटों के परिसरों में सन्नाटा पसरा है।
बिजली के बिल में भी नहीं मिली रियायत
डिस्कॉम ने भी बंद पड़े प्लांट का बिजली बिल भेज दिया। उद्यमियों की मांग है कि उन्हें भी इसमें रियायत मिलनी चाहिए। कुछ राशि को स्थगित करना चाहिए। पहले से ही बंद होने से उद्योगों की कमर टूट चुकी है, उस पर बिजली का बिल भारी पड़ रहा है।
उद्यमियों को चाहिए रियायतें...
-उद्योग को री-स्टार्ट करने के लिए सुविधाएं
-कार्मिकों और समस्त लेबर को मिले पास
-बिजली के बिल में मिले छूट या स्थगन
-ट्रांसपोर्ट का संचालन नियमित हो
-इंटरनेशनल कूरियर सुविधा हो शुरू
----------
सभी श्रमिकों को मिले पास की सुविधा
इकाइयों को शुरू करने के लिए लेबर नहीं आ रही है। लॉकडाउन में सबसे बड़ी समस्या पास की है। श्रमिकों को पास नहीं मिलने से काम पर आना नहीं चाहते हैं। सरकार को औद्योगिक इकाइयों को शुरू करने के लिए समस्त श्रमिकों को पास जारी करने चाहिए। जिससे उद्योग फिर से संचालित हो सकें।
रतन वडेरा, वरिष्ठ उद्यमी, बाड़मेर

Mahendra Trivedi Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned