बाड़मेर

बाड़मेर के किसानों की बढ़ी आस, कृषि मंत्री बने कैलाश

बाड़मेर-जैसलमेर के किसानों की आस और विश्वास बढ़ा

बाड़मेरJun 01, 2019 / 01:17 pm

Ratan Singh Dave

Kailash becomes agriculture minister

बाड़मेर. बाड़मेर सांसद कैलाश चौधरी के कृषि राज्यमंत्री बनने के साथ ही बाड़मेर-जैसलमेर के किसानों की आस और विश्वास बढ़ा है। रेगिस्तान में नहरी पानी के बाद सिंचित क्षेत्र बढ़ रहा है और उन्नत कृषि रेगिस्तान को नखलिस्तान बना रही है। एेसे में केन्द्र सरकार में बाड़मेर के सांसद की कृषि राज्यमंत्री का होना बाड़मेर के लिए विकास के द्वार खोल रहा है।
नहरी पानी
इंदिरा गांधी व नर्मदा नहर के प्रोजेक्ट बाड़मेर के लिए महत्वपूर्ण है। गुजरात से नर्मदा का पानी पर्याप्त मिले ओर पंजाब से आ रही इंदिर गंाधी नहर गडरारोड़ तक पहुंचती है तो दोनांे का संगम गडरारोड़ में होगा। इससे बाड़मेर, जैसलमेर, शिव, रामसर, गडरारोड़, चौहटन, गुड़ामालानी, धोरीमन्ना और सिणधरी क्षेत्र में पानी की समस्या का स्थाई हल होगा। यहां सिंचाई के लिए भी किसानों को पानी मिलने की आस बंध सकती है।
खूजर सहित इजराइली खेती पेटर्न
रेगिस्तान का माहौल इजराइल जैसा है। इजराइल की तरह अब रेगिस्तान में भी खजूर की खेती होने लगी है। केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री की अहम भूमिका रहती है तो आने वाले दिनों में खेती में नवाचार के लिए बाड़मेर को विशेष लाभ मिल सकता है। इसमें खजूर के अलावा भी अन्य उत्पाद कम पानी में बाड़मेर में पैदा हों इसके लिए प्रयास हो सकते है।
कृषि विश्व विद्यालय
जिले में रिफाइनरी के साथ ही कौशल विश्वविद्यालय के लिए जमीन आवंटित हो गई है। अब यहां पर कृषि विश्व विद्यालय की दरकार भी है। तेल कंपनियों और रिफाइनरी के बड़मे प्रोजेक्ट में कृषि विश्वविद्यालय की सौगात बाड़मेर को देना कोई बड़ी बात नहीं होगी। इससे रेगिस्तानी जिले में कृषि में विकास के द्वार खुलेंगे।
शोध संस्थान
जोधपुर में काजरी की स्थापना की हुई है। बाड़मेर में कृषि विज्ञान केन्द्र भी खुले हुए है। एेसे में बाड़मेर जैसलमेर में शोध संस्थान, कृषि विज्ञान केन्द्र को लेकर भी विपुल संभावनाएं और बढ़ रही है। बाड़मेर सहित बालोतरा में ये प्रोजेक्ट लगाए जा सकते है।
सोलर से खेती व ऑर्गेनिक खेती का हब बने बाड़मेर
बाड़मेर में सोलर प्लांट लगाकर खेती को बढ़ावा देना, ऑर्गेनिक खेती का हब बनाने की योजना बन सकती है। यहां औषधीय पादप बड़ी संख्या में है और इसके अलावा अनार का उत्पाद लगातार बढ़ रहा है। एेसे में बाड़मेर में जमीन की उपलब्धता के हिसाब से इसे ऑर्गेनिक खेती का हब बनाया जा सकता है।
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