केंद्रीय अध्ययन दल से गुहार, 100 नहीं 150 दिन मिले मनरेगा में काम

-बाड़मेर जिले में केंद्रीय अध्ययन दल ने देखे सूखे प्रभावित क्षेत्र
-गांवों और ढाणियों में ग्रामीणों से मिलकर जाने हालात
-रोजगार और चारे-पानी की समस्या बताई

By: Mahendra Trivedi

Published: 19 Jan 2021, 08:25 PM IST

बाड़मेर। अंतर मंत्रालयिक केंद्रीय दल ने मंगलवार को बाड़मेर जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर सूखे की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने चारे एवं पानी की परेशानी के साथ रोजगार की समस्या से अवगत कराया। उन्होंने केंद्रीय दल से अधिकाधिक राहत दिलाने का अनुरोध किया।
अंतर मंत्रालयिक केंद्रीय दल में शामिल डी.एम.डी, कृषि सहकार एवं कृषक कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चन्द्र, वाटर रिसोर्सेज डिपार्टमेंट के निदेशक एस.डी.शर्मा एवं आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग जयपुर के संयुक्त सचिव विजेन्द्र सिंह ने मंगलवार को चौहटन, सुथारों का तला, जैसार, अभे का पार, शिव एवं देवका समेत कई गांवों में सूखे की स्थिति का जायजा लिया। दल एवं जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने पंचायत समिति सभागार चौहटन में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ बैठक कर सूखे से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान चौहटन प्रधान रूपाराम ने क्षेत्र में पानी, चारे आदि की समस्याओं से अवगत कराया। इसके बाद सुथारों का तला एवं जैसार में किसानों से रूबरू होकर उनकी बात सुनी।
जनप्रतिनिधियों ने बताई ग्रामीणों की समस्याएं
रामसर तहसील के अभे का पार में जन प्रतिनिधियों एवं सूखे से प्रभावित किसानों के साथ बैठक लेकर हालातों का जायजा लिया। अभे का पार सरपंच हसीना बानो ने पशुधन के पालन में आ रही समस्याओं, चारे की कमी, पेयजल समस्या सहित सूखे से फसल खराबे के बारे में अवगत कराया। वहीं सज्जन का पार के मोहम्मद हैयाब एवं इब्राहिम खान ने चारे-पानी एवं रोजगार की समस्या के समाधान करने की बात कही। गरडिया के दोस्त मोहम्मद ने बताया कि इस बार क्षेत्र में बारिश नहीं होने से खरीफ की फसलें नहीं हा पाई। ग्रामीणों ने अनुदान की राशि एवं फसल बीमा की राशि दिलवाने की बात रखी। अभे का पार में केन्द्रीय अध्ययन दल ने स्थानीय बेरियों का निरीक्षण किया तथा पेयजल की उपलब्धता की ग्रामीणों से जानकारी ली।
शिव में ली बैठक
शिव तहसील क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान पंचायत समिति शिव में प्रभावित किसानों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक लेकर सूखे से उत्पन्न स्थिति विशेषकर पशुधन संरक्षण, चारे, पानी एवं रोजगार की उपलब्धता तथा इससे निपटने के लिए अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी ली। गांव के खुशालाराम, मनोहर ंिसह कोटडा, गुलाम मोहम्मद नेगरडा ने पशुधन के लिए चारा डिपो प्रारम्भ करने, इंदिरा गांधी नहर के काम को प्रारम्भ करने, एवं मनरेगा के तहत 100 की बजाय 150 दिवस तक रोजगार उपलब्ध करवाने की बात रखी।

Mahendra Trivedi Reporting
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