खरंजा रोड टूटी, राह हुई मुश्किल

- सात साल पहले बनाई सड़कें, अब खस्ताहाल

By: Dilip dave

Published: 19 Mar 2020, 12:33 AM IST

सिवाना. कस्बे में डेढ़ दर्जन वार्डों में करीब सात वर्ष पूर्व बनाए खरंजे उखडऩे से आवागमन को लेकर आमजन व राहगीरों को हर दिन परेशानी उठानी पड़ती है। कई मोहल्लों में बनाए खरंजे इस तरह उखड़ गए हैं कि लोगों के लिए पैदल गुजरना मुश्किल हो गया है।

नगर के हिंगलाज कॉलोनी, रेबारियों की बस्ती, सिपाहियों का मोहल्ला, खालसों का वास, देवन्दी रोड़, मदरसा गली, प्रेमनगर आदि मोहल्लों में करीब सात वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत ने पत्थर के टुकड़े लगाकर खरंजा सड़कें बनाई थी। कई वर्षों से आमजन व वाहनों की आवाजाही से खरंजों का सीमेंट टूट गया है। इससे खरंजे उखडऩे पर आवागमन में लोगों को परेशानी होती है। उबड़- खाबड़ पत्थरों पर टैक्सी या वाहन किराए पर आने से कतराते हैं। इससे हर दिन लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इससे परेशान लोगों ने कई बार ग्राम पंचायत से टूटे खरंजों की मरम्मत करवाने या सड़क बनाने की मांग की, लेकिन न सुनवाई न समाधान किया जा रहा है। इससे लोगों में रोष है। निप्र.

जनता की जुबानी
- लम्बे समय से टूटी खरंजा रोड राह में रोड़ा बनी हुई है। पैदल चलना मुश्किल हो गया है। कहीं कोई सुनवाईनहीं की जा रही है। इससे परेशान है। - बशीर खान जोया, मदरसा मोहल्ला

कस्बे के आधा दर्जन आवासीय कॉलोनियों में खरंजा सड़कें टूटी हुई हैं। हर दिन लोग परेशानी उठाते हैं। ग्राम पंचायत के ध्यान नहीं देने से परेशान हैं। -नरेन्द्रसिंह, देवन्दी रोड

प्रस्ताव भेजे हुए- पांच साल पुरानी खरंजा सड़कों की मरम्मत के प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भिजवाए हुए हैं। स्वीकृति आने पर मरम्मत कार्य करवाएंगे।- नरपतङ्क्षसह देवड़ा, वीडीओ सिवाना

इधर, पेयजल संकट से जुझ रहे ग्रामीण पहुंचे जलदाय कार्यालय, मिला आश्वासन

- रामसर में दो माह से जलापूर्ति प्रभावित, लोगों ने जताया रोष

रामसर. कस्बे के ग्रामीण बुधवार को पानी की समस्या को लेकर जलदाय विभाग कार्यालय पहुंचे और सहायक अभियंता सहित अन्य अधिकारियों से मिले। ग्रामीणों ने दो माह से जलापूर्ति नहीं होने पर रोष जताते हुए सुधार की मांग की। इस पर विभागीय अधिकारियों ने जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों के मुताबिक रामसर में पिछले 2 माह से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे सभी मोहल्लों में पेयजल संकट की स्थिति है। बावजूद इसके विभाग हर माह उपभोक्ताओं को बिल जारी कर वसूली कर रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार कस्बे में दस से ज्यादा हैंडपंप खराब है। उनकी विभाग ने दो साल सुध तक नहीं ली है।

ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने सासंद एवं विधायक सहित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया, लेकिन समस्या का हल नहीं हो रहा। इस दौरान गिरीश खत्री, श्रवण सिंह, सोहनलाल, रावताराम, गोविंदसिंह उपस्थित रहे।

Dilip dave Desk
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