किलकारियां: कोरोना को हराने की हिम्मत और हौसला देती नई जिंदगियां

-खामोशी भरे माहौल के बीच बाड़मेर राजकीय अस्पताल में 24 घंटे गूंजती है किलकारियां
-कोराना वायरस संक्रमण के बीच आ रही नई जिंदगियां भर रही है जीवटता

By: Mahendra Trivedi

Published: 07 Apr 2020, 09:42 PM IST

महेन्द्र त्रिवेदी
बाड़मेर. भले ही कोरोना वायरस संक्रमण फैला हो और जिंदगी बचाने की जद्दोजहद चल रही है। इन सबके बीच नई जिंदगियोंं की किलकारियां गूंज रही है। अस्पताल में नवजात के पैदा होते ही रोने पर स्टाफ सहित सभी के चेहरे मुस्कान से खिल जाते हैं। सभी लोग एक बार तो ये भी भूल जाते हैं कि अभी महामारी के दौर से गुजर रहे हैं। दुनियां में आ रही नई जिंदगियां कोरोना को हराने की उनकी हिम्मत को और बढ़ा रही है।हर जगह इन दिनों खामोशी का माहौल है। अस्पताल में भी आवाजाही कम ही है। राजकीय जिला अस्पताल की एमसीएच यूनिट में खामोशी तोड़ती है नवजात की किलकारियां। दुनिया में आ रहे नए मेहमानों से ही कोरोना को हराने की जीवटता मिल रही है। नवजात और मां का खास ख्यालकोरोना संक्रमण के बीच दुनियां में आने वाले नवजात के साथ माता का अस्पताल में विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उनके खान-पान के साथ स्वच्छता और देखभाल की विशेष हिदायत दी जा रही है। परिजनों को फिलहाल दूर रहने की ही सलाह चिकित्साकर्मी दे रहे हैं।

वार्ड में सोशल डिस्टेंस की पालना

एमसीएच यूनिट के पीएनसी वार्ड में प्रसूताओं के पीएनसी वार्ड में भी सोशल डिस्टेंस की पालना करवाई जा रही है। यहां पर एक बैड छोड़कर एक पर प्रसूताओं को दाखिल किया जा रहा है। जिससे उनके बीच पर्याप्त दूरी हो। जिससे संक्रमण के खतरे को रोका जा सके।मरीज के साथ एक ही परिजनचिकित्सा विभाग के निर्देश हैं कि मरीज के साथ एक ही परिजन होना चाहिए। इसके चलते पीएनसी वार्ड में भी परिजन कम ही दिखते हैं। इन दिनों महिलाओं को छुट्टी भी जल्दी दी जा रही है। जिसके चलते सोमवार को पीएनसी वार्ड खाली ही दिखे। अस्पताल की पहली मंजिल के तीनों वार्ड खाली होने के कारण ताले लगे रहे। केवल ग्राउंड फ्लोर के पीएनसी वार्ड में छह प्रसूताएं भर्ती थी।
लॉकडाउन की अवधि में अब तक 299 आए नए मेहमान
कोरोना के बीच बाड़मेर के राजकीय अस्पताल में 21 मार्च से 5 अप्रेल तक कुल 299 नए मेहमान दुनियां में आएं हैं। इनमें बेटियां ज्यादा है। बेटे 141 तो बेटियों 158 पैदा हुई है। दूर से आशीर्वाद, अस्पताल में बज रही थालीअस्पताल में नवजात के परिजन सोशल डिस्टेंस बनाकर ही आशीर्वाद दे रहे हैं। दुलार की जगह दूर से ही निहार रहे हैं। वहीं बच्चे के जन्म पर थाली भी अस्तपाल में खूब बज रही है। विशेषज्ञ की सलाह
-नवजात और मां का घर में अलग हो कमरा
-बार-बार नवजात को मां के अलाला कोई नहीं छुए
-बच्चे को गोद में लेना है तो पहले हाथ अच्छी तरह धोएं
-मां भी बच्चे को सावधानी के साथ हाथ धोने के बाद सार-संभाल करें
-नवजात के घर जाने पर रिश्तेदार व आसपास के लोगों एकत्रित नहीं होने दें
-डॉ. कमला वर्मा, विभागाध्यक्ष, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल बाड़मेर

Show More
Mahendra Trivedi Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned