बालिका शिक्षा को फिर ‘मार’, कब ध्यान देगी ‘सरकार’

सह शिक्षा के चलते नवीं के बाद बालिकाएं छोड़ रही स्कू  ल

By: Dilip dave

Published: 15 Sep 2021, 01:37 AM IST

दिलीप दवे बाड़मेर. बेटी पढ़ाओं की बात कहने वाली सरकार बेटियों के आगे बढऩे का रास्ता खुद ही बंद कर रही है। महात्मागांधी अंग्रेजी माध्यम स्कू  लों को खोला जा रहा है तो बालिका विद्यालयों पर ताले लटकाए जा रहे हैं। सह शिक्षा में अभिभावकों की कम रुचि पर पहले से ही नवीं से बारहवीं के बीच बालक-बालिकाओं के नामांकन में अंतर है अब बालिका स्कू  ल बंद होने से फिर बच्चियों के कंधे से हजारों बस्ते उतर जाएंगे और कड़सी-कड़ाई संभालती नजर आएंगी।

प्रदेश में महात्मागांधी अंग्रेजी माध्यम सरकार विद्यालय खोले जा रहे हैं। हाल ही में सरकार ने प्रदेश में ३४८ अंग्रेजी माध्यम स्कू  ल स्वीकृत किए हैं। इन स्कू  लों को पूर्व में संचालित ङ्क्षहदी माध्यम स्कू  लों की जगह शुरू किया जा रहा है जिसकी सर्वाधिक मार बालिका विद्यालयों पर पड़ रही है जो थोक के भाव बंद हो रहे हैं। वर्तमान सूची में २४९ बालिका विद्यालयों को बंद कर महात्मागांधी स्कू  ल खोलने की घोषणा हुई है। एेसे में इन विद्यालयों में पढऩे वाली बालिकाओं को अपना भविष्य अंधकारमय नजर आने लगा है। क्योंकि सह शिक्षा के स्कू  लों में पढ़ाई को लेकर अभिभावक आनाकानी करते हैं। अब जबकि बालिका विद्यालय बंद होंगे तो कई बालिकाओं की पढ़ाई छूटने की आशंका है। उनके हाथ से किताबें-पैन छूट जाएंगे और चूल्हा-चौका संभालना पड़ेगा। इसलिए है चिंता- गौरतलब है कि सीमावर्ती बाड़मेर जिले में पहली से आठवीं तक बालक-बालिकाओं का नामांकन लगभग समान है लेकिन नवीं से बारहवीं के बीच यह नामांकन का अंतर बढ़ जाता है।

सत्र २०१८-१९ में पहली से आठवीं तक बालकों की संख्या १९९७२९ जबकि बालिकाओं की तादाद १९०७८३ थी, नवीं से बारहवीं में क्रमश: २५९८८८ व २३७८४६ थी। सत्र २०१९-२० में उच्च प्राथमिक स्तर पर २०१५३४ बालक व १९६५७१ बालिकाएं अध्ययनरत थे जबकि उच्च माध्यमिक स्तर तक यह अंतर २६४९५ व २४८३६० का हो गया। २०२०-२१ में उच्च प्राथमिक स्तर की कक्षाओं में २१८५५७ बालक व २०७८०७ बालिकाएं पढ़ते थे जो नवीं से बारहवीं के बीच २९१७१६ व २६७१२० हो गए।

पूर्व में भी कम, अब और ज्यादा बंद- जिले में वर्तमान में ४०१५ प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कू  ल हैं जिसमें से बालिका विद्यालय ७३ ही है जबकि ७०६ माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में से १९ बालिका विद्यालय हैं। पूर्व में जिले में १३ महात्मागांधी स्कू  ल संचालित हो रहे थे जिसमें से ०७ बालिका विद्यालयों को बंद किया गया था। अभी जिले में छह विद्यालय महात्मागांधी बने जिसमें से राउप्राबावि कनाना, पारलू व असाडा को बंद किया गया है।

सात जिलों में सिर्फ बालिका स्कू  ल बंद- प्रदेश में ३४८ महात्मागांधी स्कू  लों में से २४९ बालिका विद्यालयों में संचालित होंगे। प्रदेश के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, पाली, टोंक व उदयपुर में सिर्फ बालिका विद्यालयों को ही बंद कर महात्मागांधी स्कू  ल खोले गए हैं। वहीं शेष जिलों में भी पचास फीसदी से अधिक स्कू  ल बालिका विद्यालय ही है।

बालिका शिक्षा के साथ अन्याय- हमने पूर्व में भी सरकार से मांग की थी कि हिंदी माध्यम के स्कू  ल बंद करने के बजाय दो पारियों में महात्मागांधी व हिंदी माध्यम के स्कू  ल संचालित करे जिससे कि विद्यार्थियों को परेशानी नहीं हो। बालिका विद्यालय तो पूर्व में काफी कम है और अब बंद करने से बालिकाओं की पढ़ाई छूट जाएगी। संघ आंदोलन करेगा। -बसंतकुमार जांणी, जिलाध्यक्ष वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा

छह स्कू  ल महात्मागांधी अंग्रेजी माध्यम के- जिले में छह विद्यालयों को महात्मागांधी अंग्रेजी माध्यम स्कू  ल बनाया जाएगा। इसमें से तीन बालिका विद्यालय है।-जेतमालसिंह राठौड़, एडीईओ माध्यमिक बाड़मेर

Dilip dave Desk
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