व्याख्याता विहीन हुआ सिवाना महाविद्यालय

व्याख्याता विहीन हुआ सिवाना महाविद्यालय

Dilip dave | Publish: Sep, 09 2018 10:03:04 PM (IST) Barmer, Rajasthan, India

- शैक्षणिक व्यवस्था पर नियुक्त एकमात्र व्याख्याता भी कार्य मुक्त
- सरकार ने दो के किए आदेश, पदभार ग्रहण नहीं किया

- छात्र संघ चुनाव के लिए तीन, पढ़ाई के दो व्याख्याता नियुक्त

 

 

बालोतरा (बाड़मेर).
बिना व्याख्याता के महाविद्यालय की कल्पना शायद ही कोई करें, लेकिन बाड़मेर जिले के सिवाना में यह स्थिति हो गई है। चार साल पहले खुले महाविद्यालय में राज्य सरकार अब तक स्थायी व्याख्याता नहीं लगा पाई है। हर सत्र में प्रतिनियुक्ति पर व्याख्याता लगा कर काम चलाया जा रहा है। अब तक तो एक-दो व्याख्याताओं के भरोसे महाविद्यालय चल रहा था, लेकिन पिछले दो दिन से यहां व्याख्याता नहीं है। एक मात्र व्याख्याता की प्रतिनियुक्ति समाप्त होने पर वह कार्य मुक्त हो चुका है। एेसे में बिना व्याख्याता के ही कॉलेज संचालित हो रहा है।

प्रदेश सरकार ने वर्ष 2015 में सिवाना में महाविद्यालय स्वीकृत किया था। यहां संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, समाजशास्त्र विषय स्वीकृत कर व्याख्यातों के पद स्वीकृत किए,लेकिन अभी तक एक भी विषय व्याख्याता की स्थायी नियुक्ति नहीं की। शैक्षणिक व्यवस्था पर ही महाविद्यालय संचालित किया जा रहा है। इस शैक्षणिक सत्र में एक माह की व्यवस्था के लिए कालाबेरा, जयपुर से भूगोल के व्याख्याता को नियुक्त किया गया था। 7 सितम्बर एक माह पूरा होने पर उनको यहां से रिलीव कर दिया। हालांकि आयुक्त ने 7 सितम्बर को ब्यावर से समाजशास्त्र व किशनगढ़ से संस्कृत व्याख्याता को यहां लगाया, लेकिन उन्होंने अभी तक कार्य ग्रहण नहीं किया।
चुनाव की चिंता, पढ़ाई की नहीं- छात्र संघ चुनाव को लेकर सिवाना महाविद्यालय में पाली से विज्ञान, वाणिज्य व बाड़मेर से दर्शन शास्त्र विषय के तीन व्याख्याता लगाए गए हैं। 8 से 11 सितम्बर तक ये सेवाएं देंगे। हालांकि शिक्षण कार्य को लेकर यहां व्याख्याताओं की नियुक्ति नहीं की गई है। एेसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई चौपट हो रही है।

सरकार कॉलेज में शीघ्र पद भरें- महाविद्यालय में एक भी व्याख्याता नहीं है। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परिवार के लोग भी परेशान है। कोई ध्यान नहीं दे रहा है। सरकार शीघ्र पद भरें। - चौथाराम देवासी

इससे से स्वयंपाठी ही ठीक-

एक भी व्याख्याता नहीं होने पर नियमित छात्र होने का कोई फायदा नहीं हो रहा है। इससे स्वयंपाठी छात्र होना अच्छा है। - हितेश सोनी
व्याख्याता कार्यमुक्त, दो नहीं आए- महाविद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था के लिए लगाया एक व्याख्याता दो दिन पूर्व कार्य मुक्त हो गया है। दो अन्य के आदेश किए हैं, लेकिन कार्य ग्रहण नहीं किया है। चुनाव के लिए तीन व्याख्याताओं को नियुक्त किया गया है। - प्रो. जे आर. नागौरा, प्राचार्य राजकीय वीर नारायण परमार महाविद्यालय सिवाना

 

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