Video : व्यापारियों की नाक में दम..शहर की कट रही नाक..विभाग के कान पर नहीं जूं...

फेक्ट फाइल
- 680 इकाइयां हो रही है संचालित

- 100 टन से अधिक कचरा पड़ा है जमा

-04 चरण में फैला है ओद्यौगिक क्षेत्र

By: Ratan Singh Dave

Published: 19 Jan 2019, 03:43 PM IST

पत्रिका अभियान-

100टन कचरा। कारखानों के आगे जमी स्लज की हरी परतें। एक से दो फीट तक ठोस हो चुकी गंदगी। रासायनिक बदबू से जीना मुहाल। व्यापारी-श्रमिक और राह से गुजरने वाले हजारों लोग प्रतिदिन परेशान। प्रसिद्ध पॉपलीन नगरी में देशभर से आने वाले व्यापारियों के सामने नीचा देखने की स्थिति और देश में चल रही स्वच्छता अभियान की बड़ी मुहिम के बीच यह अस्वच्छता। शर्मसार कर रहे बालोतरा के ओद्यौगिक इलाके पर विशेष अभियान-


बालोतरा. रिफाइनरी को लेकर ओद्यौगिक विकास के सपने देख रहे बालोतरा के ओद्यौगिक इलाके की हालत खराब है। यहां कारखानों से निस्तारित हो रहे स्लज और गंदगी के ढ़ेर इतने हो गए है कि अब यहां से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। रिको और व्यापारिक ट्रस्टों में तालमेल का अभाव और स्लज निस्तारण को लेकर समुचित कार्ययोजना नहीं होने से इसे रोजमर्रा की जिंदगी समझकर जीया जाने लगा है। शर्मसार हालात में कारखानों के आगे बिखरे कचरे को लेकर किसी को भी परवाह नहीं है।

कौन-कौन जिम्मेदार

रिको का कार्यालय यहां पर है। रिको बार-बार यही दुहाई देता है कि यहां पर सफाई के इंतजाम जारी है लेकिन सामने पड़े कचरे के ढ़ेर और स्लज आईना दिखा रहे है कि काम कितना हो रहा है और कागजी घोड़े कितने दौड़ाए जा रहे है। रिको ने अब तक कोई बड़ा अभियान इस क्षेत्र को लेकर नहीं चलाया जिससे यहां कचरे की सफाई एक साथ हों।

व्यापारिक ट्रस्ट

व्यापारियों ने अपनी संस्थाएं एवं ट्रस्ट बना रखे है जो ओद्यौगिक विकास के साथ विभिन्न सामाजिक कार्याें में भागीदारी निभाते है लेकिन खुद के कारखानों के आगे जमा कचरे के लिए ये रिको की ओर ही ताक रहे है। रिको की तरफ ताकना लाजमी है लेकिन व्यापारियों को इसके समुचित समाधान के लिए दबाव के साथ ही साझा काम कर इस समस्या के निस्तारण की भी दकरार है।

प्रदूषण नियंत्रण विभाग कहां सोया है

प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से भी कारखानों के आसपास के माहौल पर ध्यान रखने के साथ नोटिस जारी किए जात है। विभाग की ओर से व्यापारियों की रसीदें तो काटी जाती है लेकिन इस समस्या को मूल से काटने के लिए तीनों में तालमेल कहीं नजर नहीं आया है।

योजना बनाएंगे

कचरा निस्तारण को लेकर प्रयास करते है। लगातार सफाई की जा रही है। आगामी दिनों में सभी के साथ बैठकर योजना बनाकर ओद्यौगिक इलाके में सफाई करवाई जाएगी। स्लज का निस्तारण करेंगे।

- प्रवीण गुप्ता, महाप्रबंधक रिको

पत्रिका व्यू-

बाड़मेर में कारेली नाडी में 35 सौ टन कचरा था। पत्रिका के अभियान बाद एक दिन में तालाब को साफ किया गया। यह नजीर बन गया। बालोतरा के ओद्यौगिक इलाके को लेकर भी इसी तरह की बड़ी मुहिम की दरकार है। कचरा निस्तारण को योजना बने तो बालोतरा का ओद्यौगिक इलाका भी प्रदेश के लिए रॉल मॉडल बन सकता है।

Ratan Singh Dave
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