हवा के साथ पाकिस्तान से आई टिड्डियां सीमावर्ती गांवों में फैली

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By: Omprakash Prakash Mali

Published: 01 Jul 2019, 09:36 AM IST

बॉर्डर से 30 किमी भीतर तक पहुंची लाखों टिड्डियां, गांवों में फैली

-हवा के साथ पाकिस्तान से आई टिड्डियां सीमावर्ती गांवों में फैली
-लाखों की संख्या में टिड्डियों के आने का क्रम जारी

-महज दो टीमें कर रही कीटनाशक छिड़काव
-सीमावर्ती क्षेत्र में लोकस्ट विभाग की पोस्ट सालों हो चुकी बंद

गडरारोड. (बाड़मेर) पाकिस्तान से हवा के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंची टिड्डियां गांवों में फैल रही है। लाखों की संख्या में टिड्डियों का हमला होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं टिड्डी नियंत्रण संगठन की ओर से अभी तक क्षेत्र में केवल दो टीम भेजी है। लाखों की संख्या में टिड्डी पर दो टीमों से नियंत्रण मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है पाक की तरफ से हवा के साथ आ रही टिड्डी का सीमावर्ती गांवों में आने का सिलसिला जारी है। कई गांवों में टिड्डी की चादर बिछी नजर आती है। ऐसे में पेड़-पौधों व फसलों के नुकसान की आशंका बढ़ गई है।

फिर भी नहीं चेता विभाग
मुनाबाव में करीब 15 दिन भारत व पाक अधिकारियों की बैठक में पाक की ओर से टिड्डियों के आने की आशंका जताई गई थी। लेकिन बॉर्डर क्षेत्र में समय पर छिड़काव नहीं होने से अब टिड्डी दल सीमा क्षेत्र में 30 किमी अंदर तक खारची गांव तक पहुंच चुका है।

बंद कर दी लोकस्ट पोस्ट
भारत सरकार के लोकस्ट विभाग की सीमावर्ती क्षेत्र में कई स्थानों पर पोस्टें थी। लेकिन साल 2006 में अधिकांश पोस्ट को बंद कर दिया। बॉर्डर के गडरारोड, चौहटन, बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर, सम, रामगढ़, मोहनगढ़ स्थानों पर लोकस्ट पोस्ट स्थापित थी। पोस्ट को सूचना मिलने ही रोकथाम के प्रयास शुरू हो जाते थे। अब केवल जिला मुख्यालय बाड़मेर-जैसलमेर में ही यह विभाग है। इसके कारण सीमावर्ती क्षेत्र से सूचना मिलने के बाद भी पहुंचने में समय लग जाता है।

लाखों की संख्या में है टिड्डी का हमला
पशुपालकों के जंगल में पहुंचने पर पता चला कि लाखों टिड्डियां पूरे जंगल में फैल चुकी है। खेजड़ी और अन्य वनस्पति को उजाड़ रही है। टिड्डी एक साथ पूरे रेगिस्तान में फैल चुकी है और निरन्तर पाक से आने का क्रम जारी है।

विक्रमसिंह सोढंा, निवासी तामलोर
छिड़काव कर रहे हैं

टिड्डी पनपे नहीं इसके लिए केमिकल का छिड़काव किया जा रहा हैं। इसका असर लम्बे समय तक रहता है। जहां पर छिड़काव कर दिया जाता है, वहां फिर टिड्डी नहीं पनप सकती है। हम लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभी केमिकल का छिड़काव कर रहे हैं।
गोरधनसिंह चूली, टिड्डी नियंत्रण संगठन बाड़मेर

Omprakash Prakash Mali
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