मंत्रालयिक कर्मचारियों ने सौंपा 9 सूत्री मांग पत्र

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के आह्वान पर जिले के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम 9 सूत्री मांग पत्र अतिरिक्त जिला कलक्टर बाड़मेर को सौंपा।

By: Moola Ram

Published: 18 Feb 2020, 07:41 PM IST

बाड़मेर. अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के आह्वान पर जिले के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम 9 सूत्री मांग पत्र अतिरिक्त जिला कलक्टर बाड़मेर को सौंपा। कर्मचारी नेता बाबूलाल संकलेचा ने बताया कि राज्य सरकार ने जनवरी से बढ़े मंहगाई भत्ते की किश्त की घोषणा नहीं की है, जिससे कर्मचारी वर्ग में रोष व्याप्त है।

प्रदेश में कांग्रेस सरकार के आने के बाद वेतन, यात्रा भत्ता, एरियर का भुगतान, सेवानिवृत्त बाद समर्पित अवकाश एवं अन्य परिलाभ के भुगतान पर रोक लगाने से कार्मिकों में रोष है। कर्मचारी नेता पीराराम शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों ने कर्मचारियों को मिले अधिक भुगतान की वसूली पर रोक लगाने,

पेंशन में राहत देने, वेतन विसंगतियां दूर करने, डीडी सामंत की रिपोर्ट प्रकाशित करने, केन्द्र के समान सातवां वेतन लागू करने, 2004 के बाद नियुक्त कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, अस्थायी व संविदा आधारित कार्मिकों को स्थायी करने आदि मांगें शामिल है।

प्रतिनिधि मंडल में गोपीचंद, हस्तीमल, महेश बोहरा, टीलङ्क्षसह, आम्बाराम बोसिया, महेन्द्र शर्मा, पुरुषोत्तम पंवार, शैतानङ्क्षसह, दुर्जनङ्क्षसह, भागीरथ गुप्ता, जगदीश सैन, सवाईङ्क्षसह, अशोक चौधरी, रमेशचन्द्र गौड़, गजेन्दसिंह, गणेश खत्री आदि शामिल थे।

और इधर...

संविदाकर्मी हकों के लिए एकजुट हों

- सुंदेशा अध्यक्ष मनोनीत

बालोतरा. संविदा कर्मीअपने हकों के लिए एकजुट हों। संगठन में ही शक्ति है। सहकारी संस्थाओं में कार्यरत संविदा कार्मिकों की समस्याएं अत्यंत चिन्ताजनक है। प्रदेश के समस्त भूमि विकास बैंकों, अरबन को-ऑपरेटिव बैंकों में कार्यरत संविदा कार्मिकों को राज्य स्तर पर मंत्री की अध्यक्षता में गठित नियमतीकरण कमेटी में शामिल नहीं करने का निर्णय, बहुत ही गलत है।सहकार संविदा कार्मिक संघ बाड़मेर के संरक्षक राजेन्द्र गहलोत ने रविवार को संघ की आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

संविदाकर्मियों की मांगें जायज है। सरकार तक पहुंचाकर समाधान के प्रयास किए जाएंगे। संघ प्रदेश महासचिव चम्पालाल सुन्देशा ने कहा कि कार्मिकों की मांगों से कई बार सरकार को अवगत करवाया। लेकिन सुनवाईनहीं की जा रही है। विधानसभा में संविदा कार्मिकों को लेकर गलत जानकारी दी जा रही है।

जो सही नहीं है। जबकि हकीकत यह है कि संविदा कार्मिकों की बदौलत ही संस्थाऐं सुचारू रूप से संचालित हो रही है। उपाध्यक्ष रतनसिंह चारण ने संविदा कार्मिक पूर्ण लग्न व निष्ठा से लम्बे समय से कार्य कर रहे हैं। जबकि राज्य सरकार व सहकारिता विभाग संविदा कार्मिकों को उचित मानदेय व आर्थिक सुरक्षा प्रदान नहीं कर रही हैं।

बैठक में मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में राजु पटेल, रमेश सुन्देशा, रोशनदीन, भीखचन्द, हड़मानाराम, खेमराज पंवार, देवेन्द्र गोदारा, महेन्द्र निम्बार्क, कालुराम प्रजापत, हुलास कुमार, ओमप्रकाष, तरूणकुमार, गणपतलाल चौहान, मोतीलाल रामावत, ओमप्रकाश मौजूद थे।

कार्यकारिणी गठित-नगर के हनुवंत भवन में सहकारी संस्थाओं में कार्यरत संविदा कार्मिकों बैठक आयोजित हुई। इसमें सहकार संविदा कार्मिक संघ बाड़मेर का गठन किया गया। सर्वसम्मति से संरक्षक राजेन्द्र गहलोत, अध्यक्ष माणकचन्द सुन्देशा, उपाध्यक्ष रतनसिंह चारण,

कोषाध्यक्ष धर्मराज , सचिव दलपतदान को मनोनीत किया गया। संरक्षक राजेन्द्र गहलोत, अध्यक्ष माणकचन्द सुंदेशा ने आभार जताते हुए सभी के सहयोग से संविदा कार्मिकों के हितों में कार्यकरने की बात कही।

Show More
Moola Ram
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned