नाम को इज्जत तो दो सरकार....गुजर गए आजादी के 75 साल

- दुनियां में सबसे ज्यादा प्यारा है आदमी को अपना नाम
- राजस्व दस्तावेज में लाखों लोगों के नाम लिखे है ओछे
- प्रशासन गांवों के संग शिविर शुरू

By: Ratan Singh Dave

Published: 04 Oct 2021, 06:07 PM IST

नाम को इज्जत तो दो सरकार....गुजर गए आजादी के 75 साल

बाड़मेर पत्रिका.
अपना नाम....जो भी हों आदमी को सबसे प्यारा होता है। कोई अपना उसे तूंकारे से पुकार दें तो उसे अपनत्व लगता है लेकिन हर कोई यदि उसको ..रे..तूं का संबोधन दे तो गुस्सा, कुण्ठा या नफरत तीनों में से एक जरूर होगा,सोचिए आदमी की उम्र 50 से 90 साल तक हो जाए और तभी उसको ओछे नाम से बुलाया जाए तो....राज्य के राजस्व दस्तावेज ऐसा ही कर रहे है। लाखों लोगों के नाम ऐसे ही लिखे हुए है। मसलन बाबूलाल ...बाबूड़ा बना हुआ है तो रामलाल यहां रामिया....। आजादी के 75 साल गुजर गए लेकिन ऊपर सरकार और नीचे पटवार इन नामों का शुद्धिकरण नहीं कर रहे है। राजस्व विभाग में नाम शुद्धिकरण का नियम भी है और सरकारें कई बार प्रशासन गांवों के संग अभियान चला चुकी है लेकिन शत-प्रतिशत लोगों को इज्जत बख्शने का कार्य नहीं हुआ है।
क्यों है ऐसे नाम
शिक्षा के अभाव और सामाजिक भेदभाव का नतीजा रहा कि आजादी के बाद और कई सालों तक गांव में पिछड़े, गरीब और अशिक्षित लोगों के नाम आम बोलचाल की भाषा में लिखे गए। जो नाम जुबान पर था उसी को लोग बताते थे, खुद के पीछे सरनेम या नाम को इज्जत से नहीं लेने की खुद की भी आदत नहीं थी। लिहाजा..पटवारियों ने खातेदारों के नाम राजस्व दस्तोवज गिरदावरी, ढालबांछ, जमाबंदी में यही नाम दजज़् कर दिए,जो वर्षों से चल रहे है।
हो सकता है शुद्धिकरण
भू राजस्व अधिनियम की धारा 136 के तहत राजस्व अभिलेख में नाम शुद्धिकरण करवाने का उल्लेख है,जिसमें नाम शुद्धिकरण किया जा सकता है। संबंधित को इसके लिए एक आवेदन पत्र पटवारी के जरिए देना होता है, जिस पर तहसीलदार की अनुमति पर नाम शुद्ध कर खातेदार का नाम दजज़् किया जा सकता है।
क्यों नहीं होता
नाम शुद्धिकरण को लेकर अभी भी अधिकांश वे लोग ही वंचित है जो शिक्षा से दूर, सामाजिक रूप से कमजोर है। ये लोग अपनी पैरवी खुद नहीं कर पा रहे है और राजस्व कामिज़्क भी आवेदन का आने का इंतजार कर रहे है।
पत्रिका व्यू
2 अक्टूबर से प्रशासन गांवों के संग शिविर में नाम शुद्धिकरण की भी सुविधा है। शिविर से पहले राजस्व दस्तावेज में ऐसे गांवों की सूची पूरे राज्य में पटवारी बना लें। संबंधित के पास पहले से ही यह आवेदन पहुंच जाए और जब शिवर गांव में आयोजित हों तो शिविर समापन पर हर व्यक्ति अपना बाइज्जत नाम लेकर रवाना हों।
नाम शुद्ध करवा सकेंगे
राजस्व रिकार्ड में नाम शुद्धिकरण करवाने का नियम है। शिविर में सभी अधिकारियों व कार्मिकों को इसको लेकर निर्देश दिए गए है। यह कार्य प्राथमिकता से करवाने को जागरुक भी रहें।- हरीश चौधरी, राजस्व मंत्री

Ratan Singh Dave
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