बाड़मेर एसपी बोले- मासूम के साथ दुष्कर्म नहीं, मामला पारिवारिक, पढिए पूरी खबर

bhawani singh

Publish: Sep, 16 2017 11:47:49 (IST)

Barmer, Rajasthan, India
बाड़मेर एसपी बोले- मासूम के साथ दुष्कर्म नहीं, मामला पारिवारिक, पढिए पूरी खबर

- पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कान्फ्रेंस में किया खुलासा, इधर, विरोध के स्वर तेज

 

बाड़मेर। स्कूल में छह वर्षीय मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले को पुलिस ने शनिवार को झूठा बताया है। पुलिस ने यह जरूर स्वीकार किया कि दुष्कर्म की बजाय यह 'गुड टच-बेड टच' का मामला है। मामला पारिवारिक है, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है।

 

यहां पत्रकार वार्ता में सवालों के संदेह के बीच पुलिस अधीक्षक डॉ गगनदीप सिंगला ने बताया कि मासूम जिस समय की घटना बता रही है, सीसीटीवी कैमरे में उसकी पुष्टि नहीं हो रही है। मेडिकल बोर्ड के परीक्षण में भी गुप्त अंगों पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। साथ ही मासूम की पूरी काउंसलिंग कराई गई, जिसमें सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो रही है। जिस निजी अस्पताल में परिजन बालिका को लेकर गए थे, वहां से गलतफहमी पैदा हो गई थी।

 

यह पूरा पारिवारिक मामला है, जिसकी जानकारी परिजनों को होने के बावजूद झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस दरम्यिान पुलिस अधीक्षक ने न तो पारिवारिक मामले का खुलासा किया और ना ही गुड टच-बेड टच के बारे में जानकारी दी। यह कहकर कन्नी काट ली कि अभी तक के अनुसंधान में सामूहिक दुष्कर्म की बात तो पूरी तरह झूठी है, अन्य तथ्यों का पता आगे की जांच में ही लगेगा। परिवार, आसपास के रहवासी व सहपाठियों से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर बीएसएफ के डीआईजी के साथ बातचीत हुई है, वे अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं।

 

महिला आयोग ने लिया प्रसंज्ञान
इस मामले में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के बाद अब राज्य महिला आयोग ने भी प्रसंज्ञान लिया है। आयोग की जिला प्रतिनिधि ने पुलिस व प्रमुख चिकित्साधिकारी से पूरे मामले की जानकारी ली। महिला आयोग की प्रतिनिधि ने मासूम के परिजनों व चिकित्साधिकारियों से मुलाकात कर जानकारी ली। इधर, इस घटना के विरोध की चिंगारी तेज हो गई है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कलक्टर आवास के बाहर प्रदर्शन किया। छात्राएं भी प्रशासन के द्वार मासूम को न्याय दिलाने पहुंची। यहां आदर्श स्टेडियम में शनिवार शाम को स्वत: प्रेरित होकर स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन रखा। शहरवासी भी इसमें शामिल हुए।

 


यह है पीएमओ की रिपोर्ट
यहां राजकीय अस्पताल के पीएमओ (प्रमुख चिकित्साधिकारी) ने शनिवार को प्रशासन को तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने रेप को लेकर परीक्षण करवाया, तीन चिकित्सकों के बोर्ड ने परीक्षण रिपोर्ट व सैंपल पुलिस को तुरंत उपलब्ध करवा दिए। शाम को चिकित्सकों ने दुबारा देखा तो बच्ची बिल्कुल ठीक थी। उसे किसी प्रकार की तकलीफ नहीं थी। मेडिकल टीम ने शनिवार को फिर परीक्षण किया और बच्ची के पूर्ण स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई.....। यानी इस पूरी रिपोर्ट में यह तो जिक्र है कि रेप को लेकर रिपोर्ट पुलिस को सौंपी लेकिन क्या सौंपी इसका जिक्र नहीं है। बार-बार यही लिखा गया कि बच्ची जांच में अब स्वस्थ है तो पहले क्या हुआ था, इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया।

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