बाड़मेर.धोरीमन्ना उपखंड क्षेत्र में दर्जनों ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत तालाब खुदाई का कार्य चल रहा है। यहां सरकारी निर्देशों के अनुसार बैठने के लिए छांव, पीने को पानी व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन कार्यस्थल पर कहीं भी एेसा नजर नहीं आता। हालांकि सरकार ने सालों पहले बैठने के लिए टेंट की व्यवस्था की थी, लेकिन श्रमिक अभी भी पेड़ की छांव में बैठने को मजबूर है। पानी के लिए टंकी का इंतजाम होना चाहिए, लेकिन मजदूर घर से बोतल में पानी लेकर आते हैं। प्राथमिक उपचार के लिए फस्ट एड बॉक्स अनिवार्य है, लेकिन कहीं पर भी यह नहीं मिलता। एेसे में श्रमिकों को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बूठ जेतमाल व शोभाला जेतमाल ग्राम पंचायत में चल रहे मनरेगा तालाब खुदाई कार्यस्थल पर अव्यवस्थाएं नजर आई। स्पष्ट निर्देश फिर भी लापरवाहीकोरोना वायरस के चलते राज्य सरकार ने मनरेगा कार्य स्थल पर श्रमिकों के लिए छाया, पानी व चिकित्सा किट रखने के स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं, लेकिन इसके बाद भी कार्यस्थल पर कोई सुविधा नहीं होने से श्रमिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। महिला श्रमिक के साथ आने वाले 5 साल तक के बच्चों के लिए पालने की भी व्यवस्था करने के निर्देश है, लेकिन यहां ऐसी कोई भी सुविधा नजर नहीं आई। घर से ला रहे पानीमनरेगा कार्य स्थल पर श्रमिकों को प्यास बुझाने के लिए पानी अपने घर से लाना पड़ रहा है। श्रमिकों ने बताया कि सुबह जल्दी कार्य पर आते हैं तब 1 या 2 लीटर पानी साथ में लेकर आते हैं। 10 बजे तक पानी भी खत्म हो जाता है उसके बाद में जैसे-तैसे गुजारा चला कर दोपहर एक बजे छुट्टी के बाद घर जाने पर ही पानी नसीब हो पाता है।

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